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Hardoi News: 13 माह के कार्यकाल में केके सोनकर का रहा विवादों से नाता
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हरदोई/शाहाबाद। दो लाख रुपये की घूस लेते सोमवार को अपने आवास पर रंगे हाथों पकड़े गए अधिशासी अधिकारी केके सोनकर का विवादों से गहरा नाता रहा है। तेरह माह के कार्यकाल में ईओ रहते हुए उन्होंने बिना नोटिस के ही दो फर्मों को काली सूची में डाल दिया था। वहीं घूस लिए जाने के मामले में शासन ने पूरी रिपोर्ट तलब की है।
शाहाबाद नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पद पर रहे कृष्ण कुमार सोनकर ने तेरह माह के कार्यकाल में काम और जनसुविधा पर ध्यान देने के बजाय निकाय में काम करने वाली फर्मों पर अधिक ध्यान दिया। एंटी करप्शन टीम की तरफ से रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद ईओ को लखनऊ ले जाया गया है। वहीं शासन ने उनके विरुद्ध कार्रवाई से पहले मेसर्स लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स के माध्यम से किए जाने वाले काम, भुगतान, देनदारी सहित अन्य फर्मों के संबंध में भी विवरण तलब कर लिया है। शासन ने पूरी रिपोर्ट मांग ली है। स्थानीय निकाय निदेशक का पत्र जिले के अधिकारियों को प्राप्त हो गया है। बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स की करीब 27.00 लाख रुपये की देनदारी है। जबकि अन्य फर्मों का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट प्राप्त करा दी जाएगी।
वहीं ईओ रहते हुए केके सोनकर ने 31 जनवरी को बिना नोटिस और चेतावनी के मालिक ट्रेडर्स एसएम ग्रुप और विराट ट्रेडर्स को काली सूची में डाल दिया था। यह दोनों फर्म सेवाप्रदाता के तौर पर कर्मियों और श्रमिकों को निकाय की मांग पर उपलब्ध कराती थीं। दोनों फर्मों को काली सूची में डाले जाने से निकाय में काम कर रहे कीरब 650 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसे डीएम अनुनय झा ने गंभीरता से लिया था। कर्मियों के वेतन का भुगतान जिला नगरीय विकास अभिकरण के माध्यम से कराया था।
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इसके बाद ईओ ने 50 आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा यह कहकर समाप्त कर दी थी कि यह लोग बिना काम के वेतन ले रहे हैं। इससे उनका विरोध और भी बढ़ गया। हाल ही में सोशल मीडिया पर जिले की ही एक महिला से संबंधों को लेकर काफी सुर्खियों में रहे। इस मामले में महिला के पति ने एसपी से शिकायत भी की थी। इस पर जांच शुरू हुई और ईओ ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई भी दी थी। दोनों ही वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। वहीं बताया गया कि ठेकेदार सुदेश गुप्ता करीब तीस साल से पालिका को बिजली उपकरणों की आपूर्ति और फिटिंग का काम कराते आ रहे हैं।
शाहाबाद नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पद पर रहे कृष्ण कुमार सोनकर ने तेरह माह के कार्यकाल में काम और जनसुविधा पर ध्यान देने के बजाय निकाय में काम करने वाली फर्मों पर अधिक ध्यान दिया। एंटी करप्शन टीम की तरफ से रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद ईओ को लखनऊ ले जाया गया है। वहीं शासन ने उनके विरुद्ध कार्रवाई से पहले मेसर्स लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स के माध्यम से किए जाने वाले काम, भुगतान, देनदारी सहित अन्य फर्मों के संबंध में भी विवरण तलब कर लिया है। शासन ने पूरी रिपोर्ट मांग ली है। स्थानीय निकाय निदेशक का पत्र जिले के अधिकारियों को प्राप्त हो गया है। बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स की करीब 27.00 लाख रुपये की देनदारी है। जबकि अन्य फर्मों का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट प्राप्त करा दी जाएगी।
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वहीं ईओ रहते हुए केके सोनकर ने 31 जनवरी को बिना नोटिस और चेतावनी के मालिक ट्रेडर्स एसएम ग्रुप और विराट ट्रेडर्स को काली सूची में डाल दिया था। यह दोनों फर्म सेवाप्रदाता के तौर पर कर्मियों और श्रमिकों को निकाय की मांग पर उपलब्ध कराती थीं। दोनों फर्मों को काली सूची में डाले जाने से निकाय में काम कर रहे कीरब 650 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसे डीएम अनुनय झा ने गंभीरता से लिया था। कर्मियों के वेतन का भुगतान जिला नगरीय विकास अभिकरण के माध्यम से कराया था।
इसके बाद ईओ ने 50 आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा यह कहकर समाप्त कर दी थी कि यह लोग बिना काम के वेतन ले रहे हैं। इससे उनका विरोध और भी बढ़ गया। हाल ही में सोशल मीडिया पर जिले की ही एक महिला से संबंधों को लेकर काफी सुर्खियों में रहे। इस मामले में महिला के पति ने एसपी से शिकायत भी की थी। इस पर जांच शुरू हुई और ईओ ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई भी दी थी। दोनों ही वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। वहीं बताया गया कि ठेकेदार सुदेश गुप्ता करीब तीस साल से पालिका को बिजली उपकरणों की आपूर्ति और फिटिंग का काम कराते आ रहे हैं।