{"_id":"6a3039347e6551fd0c03fc5f","slug":"villagers-protest-at-the-tehsil-office-against-the-encroachment-of-the-road-hardoi-news-c-213-1-hra1001-151511-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सड़क पर कब्जे के विरोध में ग्रामीणों का तहसील में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सड़क पर कब्जे के विरोध में ग्रामीणों का तहसील में प्रदर्शन
विज्ञापन
फोटो 14: एसडीएम अंकित तिवारी को समस्या बताते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सवायजपुर। बंटापुर नंदबाग गांव में सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम अंकित तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
सड़क पर अतिक्रमण के विरोध में निवर्तमान प्रधान प्रशासक माधुरी के नेतृत्व में कुलदीप, सत्यवीर, राजेश, धनपाल, श्यामा कुमार, सुरेश, रमेश, राजकुमार आदि ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि लोगों ने सार्वजनिक आरसीसी सड़क पर चरही, नाली और दीवार बनाकर कब्जा कर लिया है। इससे सड़क सकरी हो गई है। आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासक ने बताया कि सड़क का निर्माण उन्होंने अपनी प्रधानी के कार्यकाल में कराया था लेकिन अतिक्रमण से पूरा निर्माण नहीं कराया जा सका। बताया कि जब तहसील प्रशासन से मार्ग से अतिक्रमण हटवाने व पैमाइश कराने की मांग की तो गांव पहुंचे लेखपाल ने रास्ते की बजाय प्रशासक के मकान को ही अवैध बताते हुए उसकी पैमाइश शुरू कर दी। विरोध पर लेखपाल ने गाली-गलौज की। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि लेखपाल और संबंधित पक्षों को मौके पर बुलाकर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सड़क पर अतिक्रमण के विरोध में निवर्तमान प्रधान प्रशासक माधुरी के नेतृत्व में कुलदीप, सत्यवीर, राजेश, धनपाल, श्यामा कुमार, सुरेश, रमेश, राजकुमार आदि ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि लोगों ने सार्वजनिक आरसीसी सड़क पर चरही, नाली और दीवार बनाकर कब्जा कर लिया है। इससे सड़क सकरी हो गई है। आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासक ने बताया कि सड़क का निर्माण उन्होंने अपनी प्रधानी के कार्यकाल में कराया था लेकिन अतिक्रमण से पूरा निर्माण नहीं कराया जा सका। बताया कि जब तहसील प्रशासन से मार्ग से अतिक्रमण हटवाने व पैमाइश कराने की मांग की तो गांव पहुंचे लेखपाल ने रास्ते की बजाय प्रशासक के मकान को ही अवैध बताते हुए उसकी पैमाइश शुरू कर दी। विरोध पर लेखपाल ने गाली-गलौज की। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि लेखपाल और संबंधित पक्षों को मौके पर बुलाकर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।