मारपीट या मकान की पंचायत, गुत्थी उलझी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हुकुलगंज निवासी प्रमोद निगम की मंगलवार रात इंग्लिशिया लाइन स्थित भारतीय शिक्षा मंदिर के समीप सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला है कि मंगलवार शाम चार बजे नशे में धुत ट्रैक शूट पहने लगभग 45 वर्षीय एक अधेड़ और एक 22 वर्षीय युवक जवाहर मार्केट के समीप स्थित पार्क के सामने टॉयलेट कर रहे थे। प्रमोद ने मना किया तो वे उलझ गए। प्रमोद निगम और उनके पक्ष के लोगों ने दोनों की पिटाई कर दी थी। बताया जाता है कि दोनों जवाहर मार्केट स्थित शराब दूकान पर रोजाना आते थे और प्रदीप की गतिविधियों से वाकिफ थे। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि बाइक पर हेलमेट और काली जैकेट पहनकर बैठे जिस शख्स ने प्रमोद को गोली मारी थी, उसकी कद-काठी अधेड़ जैसी ही थी। क्राइम ब्रांच और सिगरा पुलिस इसकी शिनाख्त में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि अधेड़ जानता था कि प्रदीप भारतीय शिक्षा मंदिर के समीप स्थित मिठाई की दूकान पर रोज की तरह जरूर रुकेंगे। इसलिए इंग्लिशिया लाइन से प्रमोद का पीछा कर उन्हें मिठाई की दूकान के सामने गोली मारी गई और मलदहिया की ओर खाली रास्ता देख बदमाश भाग निकले। बुधवार को अधेड़ की तलाश में पुलिस ने जवाहर मार्केट स्थित शराब दूकान के पास घंटों समय गुजारा और पूछताछ की लेकिन उसका पता नहीं लगा। उधर, प्रमोद के बेटे अभिषेक ने बताया कि जब मारपीट हुई तो वह भी जवाहर मार्केट के पास मौजूद था। मार खाने वाले अधेड़ ने प्रमोद को देख लेने की धमकी दी थी।
दूसरी बात यह सामने आई कि कुछ माह पहले पियरी में एक दोस्त के मकान के कब्जे से संबंधित पंचायत में प्रमोद शामिल हुए थे। उस बारे में प्रमोद को गोली मारने की धमकी दी गई थी लेकिन उन्होंने पुलिस से शिकायत भी नहीं की। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी तक प्रमोद से जुड़ी कोई ऐसी ठोस बात सामने नहीं आई है, जिसे घटना की वजह माना जा सके। मारपीट और जमीन संबंधी विवाद के साथ ही अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान को परवान चढ़ा रहे प्रमोद निगम की हत्या पर विभिन्न संगठनाें एवं राजनीतिक दलों ने निंदा की है। साथ ही हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया। महापौर राम गोपाल मोहले ने कहा कि प्रमोद निगम सिर्फ ठेला पटरी वालों के नेता ही नहीं, स्वच्छता अभियान की अहम कड़ी थे। फेरी पटरी वालों को शहर की सफाई की प्रति जागरूक कर उन्हें डस्टबीन का वितरण का काम भी प्रारंभ कराया था। मेयर ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। भाजपा के सह संयोजक विपुल कुमार पाठक ने कहा कि जहां घटना हुई वहां अपराधियों का अड्डा है और चंद कदम की दूरी पर पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। उन्होंने अपराधियों के पकड़ने और शराब की दूकानों पर जमावड़ा होने से रोका जाए। बैठक कर शोक प्रकट किया गया। मौके पर चंद्र प्रकाश दूबे, ज्ञान प्रकाश राय, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, अनिल पांडेय मौजूद थे।
व्यापारियों ने बुधवार को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण से मुलाकात कर प्रमोद के हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को पांच लाख मुआवजे की मांग की। वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आचार संहिता के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न पर भी रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापार के लिए पैसे लेकर चलने में व्यापारी हिचक रहे हैं। इससे उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं। कमिश्नर ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नही होने पाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मंडल के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, संजीव सिंह, शोभ नाथ मौर्या, संजय बनर्जी, गोकुल शर्मा, रजनीश कन्नौजिया, प्रतीक गुप्ता, मनीष चौबे आदि शामिल रहे।