{"_id":"6a16e50a50f394f51b08ba53","slug":"fire-near-farsula-village-brought-under-control-after-12-hours-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-123965-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: फरसूला गांव के पास लगी आग पर 12 घंटे बाद आग पर पाया काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: फरसूला गांव के पास लगी आग पर 12 घंटे बाद आग पर पाया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 27 May 2026 06:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चार हेक्टेयर क्षेत्र में वन संपदा प्रभावित
लैंसडौन-कोटद्वार मार्ग पर धुंध व आग की लपटों के कारण आवाजाही रही प्रभावित
लैंसडौन। क्षेत्र में मंगलवार दोपहर फरसूला के निकट जंगल में भीषण आग लग गई। आग से करीब चार हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई। वनकर्मियों ने बुधवार दोपहर तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पा लिया।
आग मंगलवार अपराह्न फरसूला गांव के पास शुरू हुई और तेजी से फैल गई। तेज हवाओं के कारण आग की लपटें विकराल हो गईं। आग लैंसडौन-कोटद्वार मार्ग तक पहुंच गई। इससे सड़क पर धुंध छा गई और वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। कई पर्यटकों ने भयभीत होकर अपने वाहन वापस दुगड्डा की तरफ मोड़ लिए। आग की चपेट में कई बड़े पेड़ भी आ गए। सूचना मिलने पर वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
लैंसडौन के रेंजर राकेश शाह ने बताया कि फरसूला के नापखेत से आग शुरू हुई थी। इससे उमरीखाल, सकन्याणी, कुठालडांडा और दर्था के नापखेतों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब चार हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। आग पर नियंत्रण के लिए वन दरोगा रमेश थपलियाल, हरक सिंह दानू, कुलदीप नौडियाल, वन आरक्षी काजल, शीतल और आशीष रावत मौजूद रहे। इनके साथ फरसूला व डेरियाखाल क्रू-स्टेशन के दस वन कर्मी भी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर बुधवार दोपहर तक आग पर काबू पाया।.
विज्ञापन
Trending Videos
लैंसडौन-कोटद्वार मार्ग पर धुंध व आग की लपटों के कारण आवाजाही रही प्रभावित
लैंसडौन। क्षेत्र में मंगलवार दोपहर फरसूला के निकट जंगल में भीषण आग लग गई। आग से करीब चार हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई। वनकर्मियों ने बुधवार दोपहर तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पा लिया।
आग मंगलवार अपराह्न फरसूला गांव के पास शुरू हुई और तेजी से फैल गई। तेज हवाओं के कारण आग की लपटें विकराल हो गईं। आग लैंसडौन-कोटद्वार मार्ग तक पहुंच गई। इससे सड़क पर धुंध छा गई और वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। कई पर्यटकों ने भयभीत होकर अपने वाहन वापस दुगड्डा की तरफ मोड़ लिए। आग की चपेट में कई बड़े पेड़ भी आ गए। सूचना मिलने पर वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
लैंसडौन के रेंजर राकेश शाह ने बताया कि फरसूला के नापखेत से आग शुरू हुई थी। इससे उमरीखाल, सकन्याणी, कुठालडांडा और दर्था के नापखेतों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब चार हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। आग पर नियंत्रण के लिए वन दरोगा रमेश थपलियाल, हरक सिंह दानू, कुलदीप नौडियाल, वन आरक्षी काजल, शीतल और आशीष रावत मौजूद रहे। इनके साथ फरसूला व डेरियाखाल क्रू-स्टेशन के दस वन कर्मी भी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर बुधवार दोपहर तक आग पर काबू पाया।.