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Pithoragarh News: नेपाल से लाई गई बहुएं नहीं बन सकेंगी मतदाता
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:00 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने नेपाल से विवाह कर लाई गई बहुओं और उनके परिजनों की मुश्किल बढ़ा दी है। भारतीय नागरिकता न मिलने से नेपाली बहुओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होगा। ऐसे में जिले भर में करीब डेढ़ हजार से अधिक नेपाली बहुओं को भारत से रिश्ता जोड़ने के बाद भी मतदान से वंचित होना पड़ेगा।
विभिन्न संगठनों के लोग व्यापारी दीपक जोशी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम योगेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी के रिश्ते रहे हैं। जिले के कई लोगों का नेपाल से विवाह हुआ है। वर्तमान में जिले में बड़ी संख्या में नेपाल से बहुएं लाई जा रही हैं। भारत के साथ रिश्ते जोड़ने के बाद भी उनका न तो आधार कार्ड बन रहा है और ना ही कोई अन्य दस्तावेज। उन्होंने कहा कि जिले में एसआईआर शुरू होना है। ऐसे में नेपाल से लाई गई बहुओं को भारतीय नागरिकता न मिलने और अन्य दस्तावेज न बनने से उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होगा।
ऐसे में करीब डेढ़ हजार से अधिक विवाहिता मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने एडीएम से इस मामले में केंद्र सरकार से वार्ता कर उचित हल निकालने की मांग की। एडीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए सरकार से मिले दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। सरकार इस मामले में जो भी दिशा-निर्देश देगी, उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
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विभिन्न संगठनों के लोग व्यापारी दीपक जोशी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम योगेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी के रिश्ते रहे हैं। जिले के कई लोगों का नेपाल से विवाह हुआ है। वर्तमान में जिले में बड़ी संख्या में नेपाल से बहुएं लाई जा रही हैं। भारत के साथ रिश्ते जोड़ने के बाद भी उनका न तो आधार कार्ड बन रहा है और ना ही कोई अन्य दस्तावेज। उन्होंने कहा कि जिले में एसआईआर शुरू होना है। ऐसे में नेपाल से लाई गई बहुओं को भारतीय नागरिकता न मिलने और अन्य दस्तावेज न बनने से उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होगा।
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ऐसे में करीब डेढ़ हजार से अधिक विवाहिता मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने एडीएम से इस मामले में केंद्र सरकार से वार्ता कर उचित हल निकालने की मांग की। एडीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए सरकार से मिले दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। सरकार इस मामले में जो भी दिशा-निर्देश देगी, उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।