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बहराइच में एसएसबी ने मानव तस्करी का प्रयास किया विफल, नेपाली नाबालिग बालक को बचाया
बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एसएसबी जवानों ने सीमा चौकी रुपईडीहा स्थित बीआईटी चेक पोस्ट पर एक नेपाली नाबालिग बालक को संदिग्ध मानव तस्करी के मामले में सुरक्षित रेस्क्यू किया है। जबकि, एक नेपाली महिला को हिरासत में लिया है। आगे की कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है।
एसएसबी के कमांडेंट गिरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि 11 जून को शाम करीब 6:10 बजे विशेष सूचना प्राप्त हुई थी कि नेपाल के जाजरकोट जिले की एक महिला नाबालिग बच्चों को रोजगार का प्रलोभन देकर भारत ले जाने का प्रयास कर रही है। सूचना के आधार पर रुपईडीहा बीआईटी चेकपोस्ट पर निगरानी और जांच बढ़ा दी गई।
जांच के दौरान नेपाल के जाजरकोट जिले की 23 वर्षीय सरिता सुनार और 14 वर्षीय जीवन नेपाली को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने बालक को जानने अथवा उसके साथ यात्रा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), देहात इंडिया (एनजीओ) तथा एसएसबी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों से गहन पूछताछ की गई।
पूछताछ में नाबालिग बालक ने बताया कि वह घर से भागकर नेपालगंज पहुंचा था, जहां उसकी मुलाकात सरिता सुनार से हुई। बालक के अनुसार महिला ने उसे भारत के कारगिल क्षेत्र में निर्माण कार्य में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था और उसे अपने साथ भारत ले जा रही थी। बालक ने यह भी बताया कि महिला नियमित रूप से मजदूरों को भारत ले जाने का कार्य करती है।
एसएसबी ने बालक की माता से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि उनका पुत्र बिना बताए घर से चला गया था और वे सरिता सुनार को नहीं जानती हैं। उन्होंने अपने पुत्र को भारत जाने से रोकने का अनुरोध किया। बालक के लगातार एक जैसे बयान और महिला द्वारा संबंध से इनकार किए जाने के कारण मामला बाल श्रम एवं श्रम शोषण के उद्देश्य से संभावित मानव तस्करी का प्रतीत हुआ।
आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं और काउंसलिंग पूरी होने के बाद रेस्क्यू किए गए बालक को एएचटीयू एवं नेपाल पुलिस की उपस्थिति में नेपाल की संस्था शांतिपूर्ण स्थापना गृह को देखभाल एवं पुनर्वास के लिए सुपुर्द कर दिया गया। वहीं सरिता सुनार को सत्यापन एवं अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कमांडेंट गिरीश चंद्र पाण्डेय ने कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मानव तस्करी के विरुद्ध वाहिनी स्थानीय प्रशासन, एएचटीयू तथा सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
एसएसबी की इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे सीमा क्षेत्र में सक्रिय मानव तस्करों और बाल श्रम से जुड़े गिरोहों को कड़ा संदेश गया है।
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