{"_id":"6a160a49b214c8d69b000190","slug":"israel-hezbollah-conflict-flares-up-again-along-litani-river-netanyahu-declares-military-operations-intensify-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Israel-Hezbollah: लितानी नदी पर फिर भड़की इस्राइल-हिजबुल्ला जंग, नेतन्याहू बोले- और तेज होंगे सैन्य अभियान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Israel-Hezbollah: लितानी नदी पर फिर भड़की इस्राइल-हिजबुल्ला जंग, नेतन्याहू बोले- और तेज होंगे सैन्य अभियान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 27 May 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
सार
दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के आसपास इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। इस्राइल ने हिजबुल्ला के 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला करने का दावा किया, जबकि हिजबुल्ला ने रॉकेट और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की। युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
लेबनान में संघर्ष विराम के बावजूद इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है। दक्षिणी लेबनान की रणनीतिक लितानी नदी के आसपास मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच भारी संघर्ष हुआ। इस्राइली सेना ने नदी के उत्तरी हिस्सों की तरफ बढ़ते हुए कई इलाकों में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी। दूसरी तरफ ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने रॉकेट, तोप और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी हमला किया। यह संघर्ष ऐसे समय बढ़ा है जब कुछ दिनों बाद वॉशिंगटन में लेबनान और इस्राइल के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत होनी है।
अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ संघर्ष विराम अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। लेबनान में एक महीने से ज्यादा समय से युद्धविराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों में मौजूद है। इस्राइल का कहना है कि वह अपने उत्तरी शहरों को हिजबुल्ला के रॉकेट और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। वहीं हिजबुल्ला ने साफ कर दिया है कि जब तक इस्राइल लेबनान से पूरी तरह पीछे नहीं हटता और हवाई हमले बंद नहीं करता, तब तक वह लड़ाई जारी रखेगा।
ये भी पढ़ें- खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर RCB: बल्ले और गेंद से दिखाया दम, पाटीदार का कैच छोड़ना गुजरात को पड़ा महंगा
विज्ञापन
आखिर लितानी नदी के इलाके में लड़ाई क्यों बढ़ी?
लितानी नदी लंबे समय से दक्षिणी लेबनान में एक अहम रणनीतिक सीमा मानी जाती रही है। नदी के दक्षिणी हिस्से पर इस्राइल का सैन्य नियंत्रण बना हुआ है। मंगलवार को इस्राइली सेना ने नदी के किनारे मौजूद कई इलाकों में आगे बढ़ने की कोशिश की। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सेना दक्षिणी लेबनान में बड़े स्तर पर अभियान चला रही है और रणनीतिक इलाकों पर कब्जा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस्राइल उत्तरी सीमावर्ती शहरों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहा है। इसी बीच इस्राइल ने अतिरिक्त सैन्य बटालियन भी लेबनान भेजी है।
इस्राइल और हिजबुल्ला ने एक-दूसरे पर क्या हमले किए?
बेरूत और दूसरे शहरों में भी डर का माहौल?
लेबनान सरकार और अमेरिका की कोशिशें क्या हैं?
लेबनान की नई सरकार चाहती है कि इस्राइल के साथ होने वाली सीधी बातचीत से स्थायी संघर्ष विराम का रास्ता निकले। सरकार हिजबुल्ला समेत दूसरे हथियारबंद समूहों को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है। हालांकि हिजबुल्ला इस्राइल के साथ सीधे संवाद का विरोध करता रहा है। युद्ध की शुरुआत तब हुई थी जब ईरान-इस्राइल संघर्ष शुरू होने के दो दिन बाद हिजबुल्ला ने उत्तरी इस्राइल पर रॉकेट दागे थे। तब से अब तक लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइली हमलों में अब तक 3,213 लोगों की मौत और 9,700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं इस्राइल के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में 23 सैनिक और एक रक्षा ठेकेदार की मौत हुई है।
अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ संघर्ष विराम अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। लेबनान में एक महीने से ज्यादा समय से युद्धविराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों में मौजूद है। इस्राइल का कहना है कि वह अपने उत्तरी शहरों को हिजबुल्ला के रॉकेट और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। वहीं हिजबुल्ला ने साफ कर दिया है कि जब तक इस्राइल लेबनान से पूरी तरह पीछे नहीं हटता और हवाई हमले बंद नहीं करता, तब तक वह लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर RCB: बल्ले और गेंद से दिखाया दम, पाटीदार का कैच छोड़ना गुजरात को पड़ा महंगा
Trending Videos
आखिर लितानी नदी के इलाके में लड़ाई क्यों बढ़ी?
लितानी नदी लंबे समय से दक्षिणी लेबनान में एक अहम रणनीतिक सीमा मानी जाती रही है। नदी के दक्षिणी हिस्से पर इस्राइल का सैन्य नियंत्रण बना हुआ है। मंगलवार को इस्राइली सेना ने नदी के किनारे मौजूद कई इलाकों में आगे बढ़ने की कोशिश की। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सेना दक्षिणी लेबनान में बड़े स्तर पर अभियान चला रही है और रणनीतिक इलाकों पर कब्जा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस्राइल उत्तरी सीमावर्ती शहरों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहा है। इसी बीच इस्राइल ने अतिरिक्त सैन्य बटालियन भी लेबनान भेजी है।
इस्राइल और हिजबुल्ला ने एक-दूसरे पर क्या हमले किए?
- इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने रातभर में दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में हिजबुल्ला के 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। इनमें हथियार भंडार, कमांड सेंटर और निगरानी चौकियां शामिल थीं। मशघारा गांव में हुए एक हवाई हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य बताए जा रहे हैं।
- दूसरी तरफ हिजबुल्ला ने कहा कि उसने लितानी नदी के आसपास जुटी इस्राइली सेना और सैन्य वाहनों पर रॉकेट, तोप और विस्फोटक ड्रोन से हमला किया। हिजबुल्ला के अल-मनार टीवी ने दावा किया कि संगठन ने नदी किनारे इस्राइली सेना की घुसपैठ को पीछे धकेल दिया।
बेरूत और दूसरे शहरों में भी डर का माहौल?
- संघर्ष विराम के बाद से लेबनान की राजधानी बेरूत अपेक्षाकृत शांत थी, लेकिन इस्राइल की नई सैन्य कार्रवाई के बाद लोगों में डर बढ़ गया है। बेरूत के हमरा इलाके में रहने वाले लोगों ने कहा कि नेतन्याहू के बयानों के बाद लोग घबराकर अपने घर छोड़ने लगे हैं।
- इस्राइल ने हाल के दिनों में नदी के उत्तर में स्थित नबातियेह शहर और आसपास के इलाकों में भी हमले बढ़ा दिए हैं। मंगलवार को इस्राइल ने शहर के लोगों को इलाके खाली करने की चेतावनी भी जारी की। वहीं पूर्वी लेबनान में कराउन बांध के पास भी हवाई हमला हुआ, हालांकि बांध को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा।
लेबनान सरकार और अमेरिका की कोशिशें क्या हैं?
लेबनान की नई सरकार चाहती है कि इस्राइल के साथ होने वाली सीधी बातचीत से स्थायी संघर्ष विराम का रास्ता निकले। सरकार हिजबुल्ला समेत दूसरे हथियारबंद समूहों को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है। हालांकि हिजबुल्ला इस्राइल के साथ सीधे संवाद का विरोध करता रहा है। युद्ध की शुरुआत तब हुई थी जब ईरान-इस्राइल संघर्ष शुरू होने के दो दिन बाद हिजबुल्ला ने उत्तरी इस्राइल पर रॉकेट दागे थे। तब से अब तक लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइली हमलों में अब तक 3,213 लोगों की मौत और 9,700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं इस्राइल के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में 23 सैनिक और एक रक्षा ठेकेदार की मौत हुई है।