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ट्रंप प्रशासन को झटका: फलस्तीन समर्थक महमूद खलील को राहत, संघीय अदालत ने इमिग्रेशन कोर्ट में भेजा मामला

पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 27 May 2026 08:06 AM IST
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सार

अमेरिका की ट्रंप सरकार को अदालत के एक फैसले से झटका लगा है। दरअसल फलस्तीन समर्थक महमूद खलील को निर्वासित करने की कोशिशों में जुटी ट्रंप सरकार को अदालत ने फिलहाल रोक दिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...

us federal Court gives pro Palestine Mahmoud Khalil more time to fight Trump administration efforts to deport
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिकी संघीय अपीलीय अदालत ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र महमूद खलील को बड़ी राहत देते हुए ट्रंप प्रशासन की निर्वासन कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। इसे ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है। अमेरिका के स्थायी निवासी खलील को साल 2024 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फलस्तीन के समर्थन में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के कारण अप्रवासन अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। अमेरिकी सरकार ने दलील दी थी कि खलील की मौजूदगी देश की विदेश नीति के हितों के लिए नुकसानदेह है।


क्या है पूरा मामला
कई महीनों तक हिरासत में रहने के बाद न्यूजर्सी की एक संघीय अदालत ने खलील को रिहा कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सरकार की कार्रवाई असंवैधानिक थी। इसके बाद यूएस थर्ड अपीलीय सर्किट कोर्ट ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि न्यूजर्सी के जज को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं था और मामला पहले इमिग्रेशन अदालतों में चलना चाहिए। हालांकि मंगलवार को अपीलीय अदालत ने अपने फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी, ताकि खलील अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
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गर्मियों के अंत में दायर की जाएगी याचिका
खलील की पैरवी कर रहे अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) के वरिष्ठ वकील ब्रेट मैक्स कॉफमैन ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट से यह स्पष्ट करने की मांग करेंगे कि सरकार असहमति की आवाज दबाने के लिए हिरासत और निर्वासन की धमकी का इस्तेमाल नहीं कर सकती।' सुप्रीम कोर्ट में अपील आने वाले महीनों में, संभवतः गर्मियों के अंत तक, दायर की जा सकती है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने इस फैसले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
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खलील के निर्वासन पर लगी अस्थायी रोक
अदालत के निर्देश के मुताबिक खलील के वकीलों ने इमिग्रेशन अदालतों में भी पक्ष रखा, लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। इस मामले से जुड़ी एक अलग अपील लुइसियाना स्थित पांचवें अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में लंबित है। तीसरे अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स के ताजा आदेश से खलील को दोबारा गिरफ्तारी और निर्वासन की आशंका से फिलहाल अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा मिल गई है।
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