मुस्लिम बहुल देश ब्रुनेई में इस्लाम की मजबूती को सख्त कानून लागू
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मुस्लिम बहुल देश ब्रुनेई में बुधवार से सख्त इस्लामी कानून लागू कर दिया गया है। इसके तहत यहां लागू गे-विरोधी कानून (एलजीबीटी) के तहत दोषी व्यक्ति को पत्थर मारकर मौत के घाट उतारने की सजा दी जाएगी। दुनिया भर में होने वाली आलोचनाओं को दरकिनार कर यहां के 51 वर्षीय सुल्तान हसनल बोल्किया ने इसे लागू करते हुए कहा, ‘मैं इस देश में इस्लामिक शिक्षाओं को और मजबूत होते देखना चाहता हूं।’ इस बीच हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता जॉर्ज क्लूनी समेत कई हस्तियों ने ब्रुनेई के सुल्तान के आलीशान होटलों का बहिष्कार करने की अपील की है।
चार लाख बीस हजार की कुल आबादी वाले इस देश में दो तिहाई लोग मुस्लिम हैं। यहां एलजीबीटी समुदाय पहले से ही प्रतिबंधित है जिसके लिए अब तक अधिकतम 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान था, लेकिन अब इसमें संगसार (पत्थर मारकर हत्या करना) की सजा दी जाएगी। साथ ही अलग अलग अपराधों के लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान भी रखा गया है, जैसे चोरी के लिए हाथ काटना आदि। गे-अपराध में किसी भी इंसान को सजा तभी दी जाएगी, जब वो खुद कबूल करेगा या उसे ऐसा करते हुए कम के कम चार गवाहों ने देखा हो। बता दें कि देश में 1957 के बाद से किसी को मौत की सजा नहीं मिली है।
इस्लामी कानूनों की वैश्विक निंदा
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश ब्रुनेई के नए इस्लामिक कानूनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने इस कानून को क्रूर, अमानवीय और अपमानजनक बताया है। लंदन में स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज के छात्रों ने स्कूल की इमारत का नाम ब्रुनेई गैलरी से हटाकर कुछ और करने की मांग की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल में ब्रुनेई के शोधार्थी शोवा हावर्ड ने कहा, यह दोषपूर्ण कानून मानवाधिकार उल्लंघन करता है।
क्रूरतम सजा के नमूने
दुष्कर्म, व्याभिचार, गे, लूट और ईश निंदा जैसे अपराधों में मौत की सजा का प्रावधान
भ्रूण हत्या के लिए सार्वजनिक रूप से पिटाई का प्रावधान भी नए कानून में शामिल किया है
किसी इंसान पर चोरी के आरोप साबित होने पर उसके लिए हाथ पैर काटने का प्रावधान है