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US: पेंटागन ने पत्रकारों के लिए बंद किया प्रेस कार्यालय, बोला- वहां गोपनीय दस्तावेजों के साथ होता है काम
पीटीआई, न्यूयॉर्क
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:36 AM IST
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सार
अमेरिकी रक्षा विभाग ने मीडिया की गतिविधियों पर नियंत्रण बढ़ाते हुए पेंटागन के प्रेस क्षेत्र को संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद पत्रकारों की पेंटागन में सीधी पहुंच खत्म हो गई है। प्रशासन का कहना है कि इस परिसर का उपयोग अब ऐसे अधिकारी कर रहे हैं जो गोपनीय दस्तावेजों के साथ काम करते हैं। दूसरी ओर, मीडिया संस्थान इस कदम को पारदर्शिता और स्वतंत्र रिपोर्टिंग के लिए चुनौती मान रहे हैं।
पेंटागन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिकी रक्षा विभाग ने मीडिया की पहुंच पर एक और प्रतिबंध लगाते हुए पेंटागन के प्रेस कार्यालय को 'क्लासिफाइड स्पेस' यानी संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए इस कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है। उन्होंने बताया कि भाषण लिखने वाले (स्पीच राइटर), जो गोपनीय दस्तावेजों के साथ काम करते हैं, अब इसी परिसर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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प्रेस कार्यालय को घोषित किया 'क्लासिफाइड स्पेस'
वाल्डेज ने लिखा, "पेंटागन प्रेस कार्यालय को सेंसिटिव कंपार्टमेंटेड इंफॉर्मेशन फैसिलिटी (SCIF) के रूप में पुनर्निर्धारित किया गया है, क्योंकि युद्ध सचिव के कार्यालय के स्पीच राइटर इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "ये स्पीच राइटर नियमित रूप से गोपनीय सामग्री संभालते हैं। इसके नतीजतन पत्रकारों को अब इस कार्यालय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है।" इस कदम की जानकारी सबसे पहले वॉशिंटगन पोस्ट ने दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह टकराव सार्वजनिक मंचों के साथ-साथ अदालतों तक भी पहुंच चुका है।
पत्रकारों ने विरोध में लौटाए प्रवेश पास
कई वर्षों तक पेंटागन को कवर करने वाले पत्रकारों के पास ऐसे विशेष पहचान पत्र थे, जिनकी मदद से वे इमारत के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रेस अधिकारियों से संपर्क कर सकते थे। लेकिन पिछले वर्ष अक्टूबर में अधिकांश समाचार संस्थानों ने सरकारी प्रतिबंधों को स्वीकार करने के बजाय अपने प्रवेश पास वापस कर दिए और पेंटागन छोड़ दिया था।
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 18 मई को पांच महीनों में दूसरी बार रक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया। अखबार का तर्क है कि पेंटागन परिसर में पत्रकारों के साथ एस्कॉर्ट रखने की अनिवार्यता अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का उल्लंघन है और यह सैन्य मामलों पर स्वतंत्र रिपोर्टिंग रोकने का असांविधानिक प्रयास है।
नियमों के खिलाफ मुकदमा दायर
अखबार ने कहा कि उसने दिसंबर में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा लागू किए गए नए नियमों को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था। बाद में संघीय अदालत के फैसले के बाद पेंटागन ने जो अंतरिम नीति लागू की, उसे चुनौती देने के लिए नया मुकदमा दायर किया गया। इस नई नीति में पत्रकारों के लिए हर समय एस्कॉर्ट के साथ रहना अनिवार्य किया गया था।
ये भी पढ़ें: Canada: 'कनाडा में यहूदी समुदाय पर बढ़ रहे हमले', पीएम मार्क कार्नी बोले- सरकार समुदाय की सुरक्षा में नाकाम
यह नीति मार्च में अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल एल. फ्रीडमैन के उस फैसले के बाद लागू की गई थी, जिसमें पहले लगाए गए प्रतिबंधों को रद्द कर दिया गया था। अगले महीने न्यायाधीश ने कहा कि अंतरिम नीति उनके मार्च के आदेश का उल्लंघन करती है। हालांकि, सरकार की अपील लंबित रहने के दौरान अपीलीय अदालत ने फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी, जिसके बाद एस्कॉर्ट नीति लागू रही। फिलहाल इस मामले में अपील की प्रक्रिया जारी है।
पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है। उन्होंने बताया कि भाषण लिखने वाले (स्पीच राइटर), जो गोपनीय दस्तावेजों के साथ काम करते हैं, अब इसी परिसर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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प्रेस कार्यालय को घोषित किया 'क्लासिफाइड स्पेस'
वाल्डेज ने लिखा, "पेंटागन प्रेस कार्यालय को सेंसिटिव कंपार्टमेंटेड इंफॉर्मेशन फैसिलिटी (SCIF) के रूप में पुनर्निर्धारित किया गया है, क्योंकि युद्ध सचिव के कार्यालय के स्पीच राइटर इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "ये स्पीच राइटर नियमित रूप से गोपनीय सामग्री संभालते हैं। इसके नतीजतन पत्रकारों को अब इस कार्यालय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है।" इस कदम की जानकारी सबसे पहले वॉशिंटगन पोस्ट ने दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह टकराव सार्वजनिक मंचों के साथ-साथ अदालतों तक भी पहुंच चुका है।
पत्रकारों ने विरोध में लौटाए प्रवेश पास
कई वर्षों तक पेंटागन को कवर करने वाले पत्रकारों के पास ऐसे विशेष पहचान पत्र थे, जिनकी मदद से वे इमारत के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रेस अधिकारियों से संपर्क कर सकते थे। लेकिन पिछले वर्ष अक्टूबर में अधिकांश समाचार संस्थानों ने सरकारी प्रतिबंधों को स्वीकार करने के बजाय अपने प्रवेश पास वापस कर दिए और पेंटागन छोड़ दिया था।
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 18 मई को पांच महीनों में दूसरी बार रक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया। अखबार का तर्क है कि पेंटागन परिसर में पत्रकारों के साथ एस्कॉर्ट रखने की अनिवार्यता अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का उल्लंघन है और यह सैन्य मामलों पर स्वतंत्र रिपोर्टिंग रोकने का असांविधानिक प्रयास है।
नियमों के खिलाफ मुकदमा दायर
अखबार ने कहा कि उसने दिसंबर में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा लागू किए गए नए नियमों को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था। बाद में संघीय अदालत के फैसले के बाद पेंटागन ने जो अंतरिम नीति लागू की, उसे चुनौती देने के लिए नया मुकदमा दायर किया गया। इस नई नीति में पत्रकारों के लिए हर समय एस्कॉर्ट के साथ रहना अनिवार्य किया गया था।
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यह नीति मार्च में अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल एल. फ्रीडमैन के उस फैसले के बाद लागू की गई थी, जिसमें पहले लगाए गए प्रतिबंधों को रद्द कर दिया गया था। अगले महीने न्यायाधीश ने कहा कि अंतरिम नीति उनके मार्च के आदेश का उल्लंघन करती है। हालांकि, सरकार की अपील लंबित रहने के दौरान अपीलीय अदालत ने फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी, जिसके बाद एस्कॉर्ट नीति लागू रही। फिलहाल इस मामले में अपील की प्रक्रिया जारी है।