श्रीनगर। जंगलों में आग लगने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। बुधवार को आग रिजर्व फॉरेस्ट में पहुंच गई, जबकि बस्तियों के नजदीक के जंगल आग में स्वाहा हो चुके हैं। जंगलों की आग से निकले धुएं से अलकनंदा घाटी में धुंध छा गई है।
बुधवार सुबह खिर्सू के समीप रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में आग फैल गई। यहां बांज और बुरांश के पेड़ जलने से क्षेत्र में गहरा धुआं छा गया। मई 2016 में गढ़वाल वन प्रभाग में भयंकर आग फैली थी। आग बुझाने के लिए एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद ली गई।
वहीं, मंगलवार रात एक बार फिर उफल्डा का जंगल आग में स्वाहा हो गया। इस क्षेत्र में बार-बार आग लग रही है। इसी प्रकार कीर्तिनगर और देवप्रयाग के कई क्षेत्रों में आग से जंगल राख हो चुके हैं।
गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह रावत ने बताया कि खिर्सू-चौबट्टा क्षेत्र में आग लगने की सूचना पर टीम भेज दी गई। उन्होंने बताया कि सिविल फॉरेस्ट से रिजर्व फॉरेस्ट में आग पहुंची।
दिन में ही दिखा गुलदार
श्रीनगर। जंगलों में आग लगने और पानी की कमी से जंगली जानवर भी बस्तियों और नदी के नजदीक आ रहे हैं। स्थिति यह है कि दिन में ही गुलदार दिखाई दे रहा है। मंगलवार शाम गढ़वाल विवि की टीचर्स कॉलोनी (ग्लास हाउस) के समीप पहाड़ी में कॉलोनीवासियों ने गुलदार को घूमते देखा। विवि के संयुक्त कुलसचिव एके मोहंती ने बताया कि गुलदार ने कॉलोनी के समीप गाय का भी शिकार किया हुआ है। दिन में ही गुलदार दिखने से वे भयभीत हैं।