ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती ।
कथावाचक आचार्य पंकज पैन्यूली ने कहा कि भगवान उस भक्त के मन की चोरी कर लेते हैं, जिसका हृदय गोपियों के समान निर्मल होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण देवलोक में भी दुर्लभ है, लिहाजा इस दिव्य कथा के श्रवण को देवता भी तरसते हैं। उन्होंने बताया कि मनुष्य बहुत भाग्यशाली है, जिसे मोक्षदायी दिव्य कथा के श्रवण का अवसर मिल रहा है। भारतीय प्राच्य विद्या पुनरुत्थान संस्थान की ओर से स्थानीय आयोजन समिति द्वारा ढालवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के छठे दिन प्रवचन करते हुए आचार्य पंकज पैन्यूली ने भगवान श्रीकृष्ण की अनेक बाल लीलाओं का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि माखन चोरी लीला के श्रवण से मनुष्य के मन में यह जिज्ञासा हो सकती है कि यदि श्रीकृष्ण ईश्वर हैं, तो उन्होंने माखन चोरी क्यों की। उन्होंने बताया कि माखन चोरी बाल लीला के जरिए भगवान ने जीव को संदेश दिया है कि जिस भक्त का मन गोपियों के समान निर्मल होता है, उसके मन की भगवान चोरी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ व गंगा तट पर किसी को भी दिव्य कथाओं के श्रवण का अवसर हरगिज नहीं गंवाना चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान में आयोजन समिति से जुड़े आशाराम व्यास, विशालमणि पैन्यूली, हर्षमणि व्यास, कुशल सिंह राणा, संजय कुड़ियाल, बासुदेव भट्ट, सुनील थपलियाल, रवि नौटियाल, हरीश उनियाल, निर्मला उनियाल आदि ने शिरकत की।