ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थ क्षेत्र स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला में सड़क पर गोवंश को खुला छोड़ने वाले नागरिकों के खिलाफ नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक ने कार्रवाई करने के लिए तैयारी कर ली है। निकाय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर क्षेत्र में करीब 200 निराश्रित पशुओं को चिह्नित किया है, जिन पर जल्द टैग लगाए जाने हैं। लिहाजा, अब नागरिकों के पशुओं की पहचान करने में निकाय को आसानी होगी।
स्वर्गाश्रम क्षेत्र में देश-दुनिया के सैलानियों और स्थानीय नागरिकों के लिए सिरदर्द बन चुके आवारा पशुओं को नए ठिकाने पर पहुंचने से पहले उनकी पहचान की जा रही है। मोहनचट्टी पशु चिकित्सालय की टीम के साथ मिलकर नगर पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह सड़कों पर दिन भर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की टैगिंग करने जा रही है।
निकाय प्रशासन के मुताबिक कई लोग अपने पशुओं को सुबह सड़क पर छोड़ देते हैं और शाम के वक्त उनका दूध निकालने के लिए घर ले जाते हैं। ऐसे में उक्त पशुओं के तीर्थ क्षेत्र की सड़कों पर घूमने से सैलानियों और स्थानीय लोगों को दिक्कतें पेश आती हैं, जिसके चलते अब स्थानीय लोगों के पशु पकड़ में आने पर संबंधित के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।
नए ठिकाने की तलाश हुई शुरू
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के भीतर बाघखाला से अस्थायी गोशाला हटने के बाद अब नगर पंचायत ने जिला प्रशासन से पशुओं का ठिकाना बनाने के लिए नई जगह मांगी है। इस बाबत निकाय प्रशासन ने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र भेजकर क्षेत्र में गोशाला के लिए राजस्व भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। निकाय अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए लक्ष्मणझूला-कांडी मार्ग पर एक स्थान चिह्नित किया गया है। सर्वे करने के बाद क्षेत्र में विचरण करने वाले आवारा पशुओं को उक्त स्थान पर बनने वाली गोशाला में शिफ्ट किया जाएगा।
कोट्स
निकाय क्षेत्र को आवारा पशु मुक्त करने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर निराश्रित पशुओं पर टैग लगाए जा रहे हैं। गोशाला के लिए राजस्व भूमि उपलब्ध कराने के लिए पौड़ी प्रशासन से मांग की है। जमीन मिलते ही उक्त पशुओं को गोशाला में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- मोहन प्रसाद गौड़, ईओ, नगरपंचायत स्वर्गाश्रम जौंक।