ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। गांधी के सपनों का भारत तार तार हो चुका है। स्वतंत्रता के बाद से भारत में समाजवाद, धर्मनिर्पेक्षता, राष्ट्रवादी और साम्यवादी विचारधाराओं के दल सक्रिय हो उठे हैं। आपसी विरोधी विचारधाराएं जनमानस को प्रभावित करने लगी हैं। राष्ट्र प्रेम स्वभाविक भाव है, लेकिन स्वतंत्रता के नाम पर समाजवाद देश को बिखेरने का काम कर रहा है। भारत एक सहनीय देश है। यह बात आचार्य पंकज ने रविवार को बजरंग मुनि शोध संस्थान में ज्ञान यज्ञ आयोजन के दौरान कही।
समकालीन भारत, विषय पर आयोजित ज्ञान यज्ञ में करीब दो दर्जन विचारकों ने अपना मत रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद जुगलान ने की। विचार गोष्ठी के दौरान मेयर अनिता ममगाईं भी पहुंचीं। इस मौके पर उनका स्वागत किया गया और आचार्य पंकज ने शॉल भेंट किया। इस मौके पर प्रमोद कुमार वात्सल्य, ज्ञान परिवार के राष्ट्रीय संयोजक अभ्युदय, कार्यालय अधिक्षक अंकित नैथानी, कुलसचिव नवीन शर्मा, कार्यालय सहयोगी मंगल, तेजस्वी, अनुसूया प्रसाद, आदित्य बिजल्वाण, अभिषेक भट्ट, विनोद चौहान, राजेंद्र थपलियाल, वैद्य शरत कुमार मिश्र, विरेंद्र ममगाईं, राधे साहनी अन्य मौजूद रहे।