उत्तराखंड के कुमाऊं स्थित पिथौरागढ़ तहसील के बलाती क्षेत्र में सुबह बादल फटने से लोग सहम गए है। दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। कई मकान गिरने के साथ ही पुल भी बह गए हैं।
वहीं कई सड़कें मलबे से पट गई हैं। बादल फटने से यहां सेरा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और उसके डैम को नुकसान पहुंचा है। मिलम रुट पर धापा के सुरिंग और जिमलानी पुल बह गए हैं।
पिथौरागढ़ के मदकोट में तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया। चार लोगों के घर में दो फीट पानी घुस गया। इसके अलावा थल के रामगंगा नदी में एक शव तैरता मिला है। मदकोट के गैला गांव में भूस्खलन से महिला की मौत हो गई है।
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प्रशासन आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर नहीं पहुंची है। बारिश आफत बनकर बरस रही है।
मुनस्यारी में रविवार शाम से हुई मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। एसडीएम गेट के पास का नाला और नई बस्ती से आने वाले नाले के उफनाने से बस स्टेशन में मन इलेक्ट्रॉनिक और बंगाली होटल का काफी नुकसान हुआ है।
वहीं मुख्य बाजार में कई दुकानों में मलबा और पानी भर गया है। मलबा से बलौंता, जैंती, रांथी, मालुपति में भी मकानों और रास्तों के दरकने की सूचना है। जबकि मप्वालाबड़ा में भगत म्प्वाल के 50 खरगोश के दबने की सूचना है।
मुनस्यारी टैक्सी स्टैंड के पास गोकर्ण मर्तोलिया के मकान की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होकर कमरों में पानी भर गया है। सेराघाट के पुल की दीवार और दानिबगड़ डैम टूटने से तीन गाड़ियों के नुकसान की खबर है। बारिश आफत बनकर बरस रही है।
Cloudburst in pithoragarh
- फोटो : amar ujala
सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। हालांकि उन्होंने बादल फटने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण नाले उफान पर हैं, इससे ही मुनस्यारी मुख्यालय में नुकसान हुआ है। थल से मुनस्यारी जाने वाली सड़क नाचनी के पास रातीगाड़ में बह गई है।
नैनीताल में रविवार रात हुई भीषण बारिश से 15 रास्ते बंद हो गए हैं। कई जगह रोड पर पत्थर आ गए हैं। जबकि कई जगह पेड़ टूटकर गिरने से रास्ते बंद हो गए हैं। प्रशासन रास्ते खुलवाने में जुटा है।