सिरसा। चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एम.एल. रंगा के आश्वासन पर शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों शुक्रवार को धरना और हड़ताल 11 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। वीसी कार्यालय पर कब्जे और प्राध्यापक एवं कर्मचारी से हाथापाई मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब हो कि एक जनवरी को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति के आवास और कार्यालय पर एक गुट के शिक्षकों ने कब्जे का प्रयास किया था विरोध करने पर वीसी कार्यालय के कर्मचारी रामकुमार और प्राध्यापक डॉ. डीपी वार्ने के साथ हाथापाई की गई। पीड़ितों का आरोप है कि यह सब कुछ रजिस्ट्रार डॉ. मनोज सिवाच की शह पर किया गया था। रजिस्ट्रार को पद से हटाने और आरोपी प्राध्यापकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए है। शिक्षक संघ के सचिव डॉ. राजेश मलिक ने बताया कि वीरवार रात को क ार्यकारी कुलपति डॉ. एमएल रंगा ने शिक्षक संघ और गैर शिक्षक संघ नेताओं को वार्ता के लिए कार्यालय में बुलाया। इस वार्ता में शिक्षक संघ की ओर से प्रधान डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. डीपी वार्ने, डॉ. अशोक मक्कड, डॉ. रविंद्र पाल सिंह, डॉ. दिलबाग सिंह ने और गैर शिक्षक संघ की ओर से प्रधान महेंद्र सिंह बैनीवाल, कुलदीप सिंह, शर्मिला, रमेश हंस आदि ने भाग लिया। कार्यकारी कुलपति डॉ. रंगा ने हड़ताल समाप्त करने की अपील की लेकिन कर्मचारियों की जिद थी कि पहले रजिस्ट्रार को हटाया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। बाद में वीसी ने प्रो.डॉ. सुलतान सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया जिसमें डॉ.. एसके गहलावत और डॉ. प्रवीन अगमकर को शामिल किया गया। कार्यकारी वीसी ने कहा कि 11 जनवरी को कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई कर दी जाएगी। शुक्रवार प्रात: नौ बजे शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी फिर वीसी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। बाद में फोन पर कार्यकारी वीसी ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर 11 जनवरी तक का समय मांगा। शिक्षक संघ के सचिव डॉ. राजेश मलिक ने बताया कि फिलहाल 11 जनवरी तक धरना स्थगित कर दिया गया है। अगर कार्रवाई न हुई तो फिर से धरना शुरू कर दिया जाएगा।