जींद। शिक्षा एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री गीता भुक्कल ने विधवा पेंशन तैयार करने के मामले में कोताही बरतने पर समाज कल्याण विभाग के एक लिपिक को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए हैं। भुक्कल शुक्रवार को जिला परिवेदन समिति की मासिक बैठक के दौरान शिकायतों का निपटारा कर रही थी।
गांव नगूरां निवासी अनिल पुत्री दिलबाग सिंह ने शिकायत की थी कि उसने 16 अक्तूबर 2010 को विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया था लेकिन अभी तक उसकी पेंशन नहीं बनाई गई। शिक्षा मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई में देरी करने पर संबंधित क्लर्क को निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक शिकायत की सुनवाई करते हुए उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश जारी किए कि वे तुरंत प्रभाव से अस्पताल के बाहर एक डिस्पले बोर्ड लगाएं और उस पर यह लिखा जाए कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए क्या औपचारिकताएं हैं और इसके जारी करने की समयावधि क्या होगी। नरवाना के पंजाबी चौक निवासी पिंकी ने शिकायत की थी कि तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उसके बेटे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनाया गया है, जिसके कारण उसके बेटे की सीए की डिग्री नहीं मिली है। शिक्षा मंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि वे इस मामले में जांच करवाएं और जिम्मेदारी भी तय करें।
गांव रधाना निवासी सतीश कुमार की शिकायत को भी गंभीरता से लिया गया। शिकायतकर्ता का कहना था कि सोसायटी बैंक के कर्मचारी ने डिफाल्टर लोगों को एनओसी जारी करके लोेन भी दे दिया जबकि वह डिफाल्टर भी नहीं है और उसे लोन देने के मामले मे गुमराह कर दिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। गांव नगूरां निवासी किताब सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भुक्कल ने कहा कि समस्या का समाधान एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए। यह शिक ायत पानी की निकासी से सम्बंधित थी। उन्हाेंने कहा कि कागजों में समस्या का समाधान लिखने मात्र से काम चलने वाला नहीं है बल्कि मूल रूप से शिकायत का निपटारा होना चाहिए।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गीता भुक्कल ने कहा कि लोगों की एक-एक समस्या का समाधान किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जब भी फीस बढ़ाएं तो स्कूल के बाहर इसका डिस्पले बोर्ड अवश्य लगाएं। परीक्षाओं में नकल संबंधी सवाल का जवाब देते हुए उन्हाेंने कहा कि इस कुरीति को दूर करने के लिए कानून के साथ जन सहयोग भी जरूरी है इसलिए लोगो को एक अभियान के रूप में नकल के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
इसके बाद शिक्षा मंत्री ने जींद के सेक्टर 9 में संत शिरोमणी गुरू रविदास महाराज के 636वें प्रकाशोत्सव और रविदासिया धर्म के चौथे स्थापना दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने कहा कि दलित वर्ग का सही मायने में विकास तभी संभव है जब वे शिक्षित व संगठित होकर सही दिशा में संघर्ष करेंगे।