छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में रविवार को श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ा। मां के दर्शन को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं की कतारें मेन बाजार को भी पार कर दुर्गा वैष्णो ढाबे तक पहुंच गई थीं। र
विवार को दिनभर चिंतपूर्णी मंदिर में माता के जयकारे गूंजते रहे। पिछले तीन दिन से मां के दरबार में काफी संख्या में श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने रात को ही मंदिर के कपाट खोल दिए थे, लेकिन तेज धूप में मंदिर रोड पर कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं था। इसके चलते श्रद्धालुओं को मजबूरी में पीने के पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। पार्किंग स्टैंड और मंदिर रोड पर लगे पानी के वाटर कूलर खाली ही नजर आए। इससे श्रद्धालु पानी के लिए तरसते रहे। उधर, मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को पर्ची सिस्टम से ही मां के दर्शन को भेजा जा रहा था। मंदिर रोड पर गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया था। रविवार के दिन लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया। उधर, एसडीएम अंब सुनील वर्मा का कहना है कि श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। जहां पानी की समस्या है, वहां फायर ब्रिगेड के माध्यम से पानी भरवाया जा रहा है।