ऊना। नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं, पुल कांपता रहा लेकिन लोक निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन आंखें मूंद के सब देखकर अनदेखा करते रहे। ये लापरवाही आखिरकार रामपुर बैली ब्रिज पर भारी पड़ गई। बैली ब्रिज से केवल 15 टन तक के वाहनों को गुजरने की अनुमति थी, वहां रोजाना 50 टन से अधिक वजन वाले भारी-भरकम वाहन और ओवरलोड टिपर धड़ल्ले से दौड़ते रहे। पुल टेढ़ा हुआ, नेट-वोल्ट टूट गए, तब जाकर प्रशासन की नींद खुली। अब लोक निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन मरम्मत और सफाई देने में जुट गए हैं। इस सब के बीच लोगों के हिस्से में फिर से परेशानी ही आई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद इतने भारी वाहन पुल से गुजर कैसे रहे थे। बैली ब्रिज टेढ़ा होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने इस पर से आवाजाही बंद कर दी है। अब लोगों को वैकल्पिक मार्ग चंद्रलोक कॉलोनी वाया कुठार खुर्द का सहारा लेना पड़ेगा।
ओवरलोड वाहनों की आवाजाही कोई छिपी बात नहीं थी। रोजाना खनन सामग्री से लदे ओवरलोड टिपर बैली ब्रिज से गुजरते थे लेकिन न पुलिस ने रोकने की जहमत उठाई और न ही लोक निर्माण विभाग ने कोई सख्ती दिखाई। -चंदन, निवासी रामपुर
वजन सीमा का बोर्ड केवल औपचारिकता बनकर रह गया था। प्रशासन की आंखों के सामने नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने रहे।
-रविंद्र, निवासी रामपुर
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यदि समय रहते कार्रवाई होती तो पुल की यह हालत नहीं होती। ढाई साल से स्थायी पुल नहीं बना पाए और अब जो था, वह भी टूट गया। विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल तो उठेंगे ही।
-चरण सिंह चन्नी, निवासी रामपुर
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बैली ब्रिज से रोज ओवरलोड भारी भरकम वाहन गुजरते रहे लेकिन प्रशासन की ओर से इसे रोकने कोई नहीं पहुंचा। बस एक बैनर पर लिख कर लगा दिया और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया।
-राहुल, निवासी रामपुर
लोक निर्माण विभाग ऊना के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर से सीधे सवाल
सवाल: रामपुर बैली ब्रिज कैसे क्षतिग्रस्त हुआ ?
जवाब: पुल से कोई भारी भरकम वाहन गुजरने से यह क्षतिग्रस्त हो गया।
सवाल : इस पुल से कितने वजन तक का वाहन गुजर सकता था?
जवाब : बैली ब्रिज से 18 टन तक वजनी वाहन गुजर सकता था।
सवाल: इस पुल से तो दिन के समय में भी 50 टन तक के टिपर गुजर रहे थे, उन्हें क्यों नहीं रोका गया?
जवाब: अब रात के समय में कौन नजर रखेगा। हमने तो पुल के पास लिख कर सूचना लगा दी थी। अब लोगों को खुद भी समझना चाहिए।
सवाल: इस पुल की मरम्मत कब तक होगी?
जबाव : अब चुनावों के बाद ही टीम आएगी। इसमें दस दिन से अधिक समय लग सकता है।