जम्मू। दिल्ली में एक लड़की के साथ गैंग रैप के खिलाफ वीरवार को विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। शहर के विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राआें ने एकजुट हो कर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने जिनमें ज्यादा संख्या छात्राओं की थी, ने हाथों में तख्तियां पकड़ कर दोषियों के खिलाफ जल्द और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी विद्यार्थियों ने उठाया।
विरोध प्रकट करने के लिए महिला कॉलेज परेड की छात्राओं ने सुबह साढ़े नौ बजे के करीब प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पहले तो कॉलेज प्रशासन ने गेट रखा हुआ था लेकिन छात्राएं गेट फांद कर पार जाने लगी। बाद में गेट खोल दिया गया और कॉलेज के कुछ फैकल्टी सदस्यों ने भी छात्राओं के साथ प्रदर्शन किया। छात्राएं वी वांट जस्टिस, दोषियों को फांसी दो फांसी दो आदि के नारे लगा रही थीं। प्रदर्शन के बाद छात्राएं सचिवालय की ओर जाने लगी। सचिवालय जाने से रोकने के लिए महिला पुलिस को खासी मेहनत के साथ-साथ छात्राओं के साथ दौड़ लगानी पड़ी।
सचिवालय से कुछ दूरी पर पुरुष पुलिस कर्मियों ने डंडों से दीवार बना कर छात्राओं को रोका। छात्राओं को सचिवालय जाने से रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, जिससे कुछ छात्राओं को हल्की चोर्टें आइं। इस मौके पर पुलिस कर्मियों को छात्राओं के गुस्से का शिकार भी होना पड़ा। बाद में छात्राएं पुराने शहर की ओर मुड़ र्गइं। छात्राएं पुरानी मंडी, शालामार आदि से होती हुई नारेबाजी करते हुए ज्यूल तक पहुंची। इतनी देर में साइंस कॉलेज और कामर्स कॉलेज के छात्र भी बाहर सड़कों पर आ गए।
विद्यार्थी रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए ज्यूल चौक की तरफ बढ़ने लगे। साढ़े ग्यारह बजे के करीब साइंस कॉलेज और कामर्स कॉलेज के विद्यार्थी महिला कालेज की छात्राओं से मिले। वहां से साइंस कॉलेज और कामर्स कॉलेज के अधिकांश विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए वापस कालेज चले गए, लेकिन महिला कॉलेज परेड की छात्राएं पहले प्रेस क्लब और बाद में तवी पुल की ओर से निकल गईं। इस दौरान महिला कालेज गांधी नगर की छात्राओं ने भी कालेज के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और सड़क रोक दी। बाद में छात्राएं रैली की शक्ल में विक्रम चौक पहुंची। विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए एमएएम कालेज के अंदर चले गए और एमएएम कालेज के बाकी विद्यार्थियों के साथ विवि के गेट के बाहर पहुंच गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मुख्य दोनों गेट बंद कर दिए थे लेकिन छात्राएं बाहर प्रदर्शन करती रहीं। छात्राओं का कहना था कि वे कैंपस के अंदर जा कर प्रदर्शन और विवि के विद्यार्थियों का समर्थन अपने हक में लेना चाहती हैं विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने गेट नहीं खोले। साढ़े बारह बजे के करीब छात्राएं वापस कालेज को चली गईं।