सेना का कहना है कि यह आतंकी संगठनों की हताशा का परिणाम है जो भोले-भाले तथा निहत्थे ग्रामीणों पर गोलियां बरसा रहे हैं। ये मजदूर मेहनत-मजदूरी कर अपनी जीविका चला रहे हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय नागरिकों का एक दल जो पोर्टर के रूप में कार्यरत है, वह सुबह केरन सेक्टर के फारवर्ड एरिया में काम के सिलसिले में जा रहा था। इसी दौरान घने जंगलों में छिपे कुछ आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
विज्ञापन
सोमवार को बीएसएफ पोस्ट पर हुआ था हमला
एलओसी पर सेना ने गश्त बढ़ाई
- फोटो : PTI
इसमें कचामा गांव के शौकत चौहान नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य बुरी तरह घायल हो गए। सेना के स्थानीय डाक्टर ने उसे प्राथमिक उपचार दिया।
खराब मौसम के बावजूद अन्य घायलों को हेलीकाप्टर से श्रीनगर के सेना अस्पताल में पहुंचाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सेना ने शौकत के निधन पर शोक जताया है।
इसके साथ ही कहा है कि दुख की इस घड़ी में सेना उसके परिवार के साथ खड़ी है। उसके परिवार वालों को हर संभव मदद दी जाएगी। साथ ही घायलों का बेहतर इलाज किया जाएगा।
गौरतलब है कि सोमवार को भी मच्छेल सेक्टर में आतंकियों ने पाक सेना के साथ मिलकर बीएसएफ की पोस्ट पर हमला किया था, जिसमें तीन जवान शहीद हो गए थे।