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शेर की तरह बुंलद दहाड़ कर दो तुम

मारूफ आलम

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शेर की तरह बुंलद दहाड़ कर दो तुम
        
                                                    
                            
पर्वत के सीने को दो फाड़ करदो तुम

तूफान तिनको की तरह उड़ाने आएंगे
जमा दो पैर,खुद को पहाड़ करदो तुम

जो पत्थर वो फेंकते हैं तुम्हारे सर पर
खुद के लियें उन्ही से आड़ करदो तुम

या तो बचालो अपने खेतों को किसानों
या तो अपने खेतों को उजाड़ करदो तुम

वाजिब हैं जो तुम्हारे वो दाम मांगों उनसे
या फसलें जलाकर कबाड़ करदो तुम
मारुफ आलम
शब्द अर्थ
वाजिब- उचित
 
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4 वर्ष पहले
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