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पशुता

Ashutosh Atharv

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो अक्सर रंग बदलते हैं उसे गिरगिट सब कहते हैं
        
                                                    
                            
मगर इससे ना दूजा हम मनुज व्यवहार करते हैं
कभी कोई लोभ में आकर तो कभी स्वार्थ में पड़कर
मनुजता छोड़ पशुता को हम स्वीकार करते हैं

- आशुतोष अथर्व

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7 वर्ष पहले
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