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देश मेरा

Hari Shankar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम सब भारत की सन्तानें
        
                                                    
                            
देश मेरा ईमान है।
तन समर्पित मन समर्पित
जीवन यह कुर्बान है॥

परतन्त्र नहीं स्वतन्त्र हैं हम
जन-जन को समान अधिकार मिले।
मानव जाति और देश हित
मिलकर एक रफ्तार चलें।
नवीन युग का नया है भारत
गाएँ देव गुणगान है॥

हिन्दू,मुस्लिम, सिक्ख, इसाई
ना कोई भाव से आहत हो।
ईद दीवाली क्रिसमस होली
गुरुपर्व पर बस मुस्कराहट हो।
पर्वों का यह पावन भारत
संस्कृति - उत्थान है॥

मानव-प्रेम और देश-प्रेम से
मजहब नहीं कोई न्यारा।
एक सूत्र के हम सब मोती
भारत अपना प्यारा।
कड़ी - कड़ी मजबूत हो इसकी
रखना बस यह ध्यान है॥

हरिशंकर 'हरि'

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4 वर्ष पहले
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