बुढ़ापा जीवन का सार है
ईश्वर का दिया वरदान है
जीवन की तपस्या का भाग है
अच्छे कर्मों का फल है
शांत है सागर की तरह
ज्वार की तरह तेज है
दिखे मौलाए फूलों की तरह
अंदर से प्यार भरी गुलजार हैं
आना है जीवन में सभी को बुढापा
सम्मान दे उनके जज्बातों का
ख्याल रखें उनकी उम्रदराज का
उनके अनुभवों से सीख लें
सीख कर जीवन में अमल करें
तभी चढ़ेंगे सफलता की सीढ़ी
और खुशियों से साथ बुढ़ापा बिताएंगे।
माणिक मिश्रा
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