ऐ दुख इतना ना सता कि हम जीना भूल जाएं
तेरे दिए हुए जख्मों को सीना भूल जाएं
यूं तो हमें शौक है खुशियों में पीने का
तेरी वज़ह से हम कहीं पीना ना भूल जाएं
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