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प्यारी माँ

Rajan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सूखे में मुझे सुलाकर,
        
                                                    
                            
खुद गीले में सोई।
मैं रोया तू रोई,
ऐ, माँ ! तुम-सा न कोई।

राजन सिंह (गोण्डा, उत्तर प्रदेश)
 
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4 वर्ष पहले
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