जो मुझ पर बीती!,,,,,,,
माँ पापा अब रहे न अपने,
जगती आँखें देखें सपने,,
अपने भी अब रहे न अपने,
अपनों ने दिल तोड़ दिया है,,
फिर से दिल झकझोर दिया है!,,,
जबतक शरीर में ताक़त थी,
पैसे की सबको चाहत थी,,
अब हमसे मुह मोड़ लिया है,
फिर से दिल झकझोर दिया है!,,,
हमने हर रिश्ते को निभाया,
तन मन धन हर शय को लगाया,,
फिर भी मेरी औक़ात दिखादी,
औरों से नाता जोड़ लिया है,,
फिर से दिल झकझोर दिया है!,,,
भाभी ने हमको धुतकारा,
भैया ने भी है ललकारा,,
थाली पर बैठे दे मारा,
बद्दुआ भर आँचल भोर दिया है,
फिर से दिल झकझोर दिया है!,,,
हिंस्सा_हंसिया सब छीन लिया है,
घर से भी बे दखल किया है,,
"Rahmat"यातना कठोर मिला है,
फिर से दिल झकझोर दिया है!,,,