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गाँठ के मतलब

SUNIL KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            टूटे धागा प्रेम का
        
                                                    
                            
तो नफरत गाँठ बनाए

जो बधें गाँठ प्रेम की
जीवन सरस होई जाए

हर पोर मे रस मिले
गाँठ में रस ना मिल पाए

जो बाधु मैं हरि संग गाँठ
भगति अन्दर मन तक समाए

बहना बाधे राखी में गाँठ
विशवास दृढ़ हो जाए

दोस्ती की गाँठ बन,जब पकडे हाथ
तो दुनियां से भिड़ जाए

हर गाँठ में फर्क है
मतलब सब अपने मत बतलाए
जो आया समझ सुनील के
वो मतलब दिए बतलाए।
-सुनील कुमार
9 महीने पहले
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