मुजफ्फरनगर दंगे के सिलसिले में आरोपी भाजपा विधायक संगीत सोम का उरई जेल में हाथ जोड़ कर स्वागत किए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यह जांच कारागार विभाग के एडीजी आरपी सिंह के निर्देश पर हो रही है।
राज्य के कारागार मंत्री राजेंद्र चौधरी ने भी इस मामले में बयान जारी किया कि गिरफ्तार होकर जेल पहुंचने वाले विधायकों के लिए कोई अलग प्रोटोकॉल होने की वजह से उन्हें सैल्यूट आदि किए जाने की व्यवस्था नहीं है।
इस मामले में एडीजी जेल ने कहा कि इस बात की जांच हो रही है कि विधायकों को जो अनुमन्य है, उन्हें उससे अधिक तो नहीं दिया जा रहा है।
इसमें उनके स्वागत वाली बात भी शामिल है। एडीजी ने कहा कि जांच जल्दी ही पूरी कर ली जाएगी। सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।
मुजफफरनगर हिंसा में दर्ज हुई एफआईआर में से एक में विधायक संगीत सोम भी नामजद थे। मुजफ्फरनगर की कोतवाली में अपराध संख्या 1118/13 में धारा 153 ए, 420, 120 बी और 66 आईटी एक्ट में संगीत सोम पहले से ही नामजद थे।
जबकि जनभावना उकसाने के मामले में जिले के सिखेड़ा थाने में अपराध संख्या 178/13 में धारा 188, 153 ए, 353, 435 आईपीसी व सेवेन क्रिमिनल लॉ एमेंङमेंट एक्ट के तहत भाजपा विधायक सुरेश राणा, हुकुम सिंह, भारतेंदु सिंह के साथ ही विधायक संगीत सोम व अन्य को नामजद किया गया था।
गिरफ्तार विधायक को जब 14 दिन की पुलिस रिमांड पर हासिल करने के बाद उरई जेल लाया गया था तब यहां जेल अधिकारियों व अन्य स्टाफ द्वारा उन्हें सैल्यूट मार कर स्वागत किया गया था।
गिरफ्तार विधायक के इस सम्मान पर सवाल उठे थे कि जिसे गेट पर इतना सम्मान दिया जा रहा है उसे जेल के अंदर कितनी सुविधा हासिल होगी। इसके बाद ही जांच के आदेश हुए।