शिमला। नगर निगम ने वार्डों में जाकर लोगों से समस्याएं जानने की सर्व मंगल योजना को बंद कर दिया है। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने योजना को बंद करने का कोई भी कारण नहीं बताया। उधर, निगम सूत्रों ने बताया कि सर्व मंगल योजना के तहत तीन माह के दौरान दर्ज शिकायतों की फाइल तक निगम दफ्तर से गुम हो गई है। किस समस्या पर अफसरों ने क्या कार्रवाई की है, इसका कोई भी रिकार्ड दफ्तर में मौजूद नहीं है। बीते शुक्रवार से गुम हुई इस फाइल को तलाशने का काम जारी है। लेकिन सोमवार शाम तक भी यह फाइल नहीं मिल पाई थी।
एकाएक फैसले ने चौंकाया
सोमवार दोपहर तक सर्व मंगल योजना को बंद करने की कोई तैयारी नहीं थी। निगम आयुक्त ने पत्रकारों के साथ बातचीत में योजना के स्वरूप में बदलाव लाने की बात कही। कहा कि योजना के तहत अगले सप्ताह से निगम के सेक्टर आफिसर एक दिन में सिर्फ एक ही वार्ड का दौरा करेंगे। तीन माह के दौरान निगम अधिकारियों ने प्रति मंगलवार हर वार्ड में जाकर समस्याएं जानी हैं। एक दिन में चार वार्डों तक पहुंचने में काफी परेशानियां भी पेश आई हैं। इसके चलते अब योजना के स्वरूप में बदलाव की तैयारी की गई है। 14 मई से योजना के तहत एक सेक्टर आफिसर एक दिन में सिर्फ एक वार्ड का दौरा करेगा। लेकिन शाम होते-होते योजना को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए।
दफ्तरों से फील्ड में पहुंचाए अफसर
फरवरी में निगम आयुक्त ने दफ्तरों में बैठने की शौकीन बन गई अफसरशाही को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सर्व मंगल योजना चलाई। इसके तहत नगर निगम के पच्चीस वार्डों को छह सेक्टरों में बांटा गया। हर सेक्टर का एक अफसर प्रमुख बनाया गया। अफसर की देखरेख में कर्मियों ने वार्डों का दौरा किया। शहर में निगम के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वार्डों में पेश आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं को मौके पर दूर किया गया। वार्डों के दौरों पर गए अफसरों से निगम की संपत्ति का ब्योरा जुटाया गया।
कहीं राजनीति का शिकार तो नहीं हुई योजना?
सर्व मंगल योजना के बंद होने पर अफसरों, कर्मियों और पार्षदों की राय भी बंटी हुई है। अफसर और कर्मी जहां योजना के बंद होने से उत्साहित हैं, वहीं कुछ पार्षदों का कहना है कि योजना राजनीति की भेंट चढ़ी है। निर्वाचित प्रतिनिधि अभी तक सभी वार्डों में पहुंच नहीं सके हैं। ऐसे में उनसे अधिक लोकप्रियता तो आयुक्त की शहर में हो गई है। इसका खामियाजा आयुक्त को योजना को बंद करने के आदेश जारी कर चुकाना पड़ा है।