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सेब के दाम गिरने के कारणों की समीक्षा करेगी एपीएमसी

शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 10:51 PM IST
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जिले की सभी आढ़ती एसोसिएशन के साथ बैठक करेंगे एपीएमसी चेयरमैन, कीमतें गिरने के कारणों की तैयार होगी रिपोर्ट
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शिमला। कृषि उपज विपणन समिति शिमला एवं किन्नौर (एपीएमसी) ने मंडियों में सेब के दाम गिरने के कारणों की समीक्षा करने का फैसला किया है। एपीएमसी के चेयरमैन शिमला जिले की सभी मंडियों की आढ़ती एसोसिएशनों के साथ बैठक कर सेब के रेट गिरने के कारणों पर विचार विमर्श करेंगे। किन वजह से मार्केट में सेब के रेट गिरे हैं इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बागवानों को मंडियों में सेब के रेट गिरने से नुकसान न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
मंडियों में तेजी से गिर रहे सेब के दामों को लेकर एपीएमसी हरकत में आई है। बागवानों की सालभर की मेहनत मार्केट में औने पौने दाम पर बिक रही है। इस कारण बागवान चिंतित हैं। पिछले करीब 15 दिन के भीतर सेब की कीमतों में लगभग 1000 रुपये की गिरावट आई है। 15 दिन पहले जहां रॉयल किस्म का सेब 2500 से 3000 रुपये प्रति पेटी बिक रहा था, अब कीमत गिरकर 1500 से 2000 रुपये पहुंच गई है। बागवानों को बढ़िया किस्म के सेब के भी अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर ने सेब की कीमतें गिरने के कारणों की समीक्षा के लिए शिमला जिले की विभिन्न मंडियों की आढ़ती एसोसिएशनों के साथ विचार-विमर्श करने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में एपीएमसी चेयरमैन शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी, ठियोग की पराला मंडी, रोहड़ू फल मंडी और नारकंडा में चल रहे प्राइवेट मार्केट यार्ड एसोसिएशन के पदाधिकारियों से विचार विमर्श करेंगे। सेब के दाम गिरने के कारणों को लेकर एक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
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रेट गिरने के कारणों की होगी समीक्षा : नरेश
एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा ने कहा कि एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर देश की बड़ी मंडियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। सेब के रेट गिरने के कारणों की समीक्षा के लिए जिले की सभी मंडियों की आढ़ती एसोसिएशनों के साथ चरचा करने का निर्णय लिया है। आढ़ती एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सेब के रेट गिरने के कारणों को जानने का प्रयास किया जाएगा।
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