आगरा। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पहले इस्तीफा देने की रणनीति के बाद बसपा ने अंदरखाने गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। कल्याण सिंह के भाजपा में आने की पुष्टि के बाद बन रहे राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए बसपा जाट जिला पंचायत सदस्य पर दांव खेल सकती है। हालांकि, उसकी इस रणनीति का खुलासा बुधवार को लखनऊ में सपा द्वारा प्रत्याशी की घोषणा के बाद हो सकता है। सपा ने रिक्त जिला पंचायत अध्यक्ष वाले 25 जिलों के पदाधिकारियों को लखनऊ तलब किया है।
सपा में इस समय एक नाम के लिए जिला कमेटी और कैबिनेट मंत्री पैरवी कर रहे हैं। वहीं दूसरा प्रत्याशी यादव फैक्टर के सहारे दावेदारी साबित करने में जुटा है। तर्क भी है कि अभी तक सपा ने जिले में किसी यादव नेता को प्रमुख पद नहीं दिया है। वहीं सपा कल्याण सिंह के भाजपा में आने के बाद लोध वोटों के फैक्टर का भी गुणाभाग कर रही है।
उधर, बसपा ने एक जाट पंचायत सदस्य के जरिए अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। सूत्रों की मानें तो सपा के एक दावेदार के 18 समर्थक इस समय माउंट आबू की सैर पर हैं, जो जाट समाज के एक सदस्य के साथ संपर्क में हैं। सपा में फूट पड़ने पर बसपा जाट नेता पर दांव खेल सकती है। खबर ये भी है कि इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। हालांकि, पार्टी इस कवायद को लखनऊ में बुधवार को सपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद प्रत्याशी के अनुसार अंतिम रूप देगी।
10 से मिलेंगे नामांकन के लिए आवेदन
आगरा। जिला निर्वाचन अधिकारी अजय चौहान ने मंगलवार को सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करते हुए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। एडीएम प्रशासन जगदीश सहायक निर्वाचन अधिकारी होंगे। नामांकन पत्र दस जनवरी से एडीएम प्रशासन के कार्यालय से मिलेंगे। 15 जनवरी को नामांकन होगा और पत्रों की जांच होगी। 18 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 21 जनवरी को मतदान कराया जाएगा। आरक्षित सीट होने के कारण नामांकन पत्र 750 रुपये और जमानत राशि 5000 रुपये होगी।