आगरा। अब प्राइमरी के बच्चाें की छात्रवृत्ति में धांधली नहीं चलेगी। इन बच्चाें के भी बैंक खाते खोले जाएंगे, जिसमें सीधे धनराशि पहुंचेगी। छात्रवृत्ति में गोलमाल पर शासन ने यह कदम उठाया है।
मान्यता प्राप्त स्कूलाें के लिए छात्रवृत्ति लाभ की योजना साबित हो रही है। फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति प्राप्त कर सैकड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। इस पर नकेल डालने के लिए शासन ने प्राइमरी स्कूलाें में भी एकाउंट प्रणाली लागू कर दी है। बच्चाें के नाम से बैंक में एकाउंट खोले जाएंगे। पैसा सीधे उनके एकाउंट में पहुंचेगा। अभी तक छात्रवृत्ति ग्राम शिक्षा निधि और विद्यालय प्रबंधक-प्रधानाध्यापक के संयुक्त खाते में पहुंचती थी। बेसिक शिक्षा प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने बीएसए को 15 अप्रैल तक सभी बच्चाें के खाते खुलवाने के आदेश दिए हैं।
वर्तमान खाता भी मान्य
- जिन बच्चाें का आईएफएससी कोड धारक बैंक में खाता है, वह मान्य होगा। जिन बच्चाें के खाते नहीं हैं, या फिर हस्ताक्षर करने में अक्षम हैं, उनके अभिभावकाें का एकाउंट भी स्वीकार होगा। नए खोले जाने बच्चाें के एकाउंट जीरो बैलेंस पर होंगे।
साढे़ सात लाख बच्चाें के खुलेंगे खाते
- जनपद में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त अशासकीय और मान्यता प्राप्त के करीब 56 सौ स्कूल हैं। इसमें 2610 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक में 2,50341 बच्चे और शेष प्राइवेट स्कूलाें में पांच लाख बच्चे हैं। इस तरह से पूरे जनपद में साढे़ सात लाख बच्चाें के खाते खोले जाएंगे।