मलपुरा। एटा के बलवीर की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि शनिवार को आगरा पुलिस सवालों के घेरे में आ गई। मलपुरा पुलिस पर रिमांड पर लिए पिता-पुत्रों को जमकर पीटने और एक पुत्र को थर्ड डिग्री देने का आरोप है। उसे लहूलुहान अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मलपुरा के गांव धनौली में प्राण घातक हमले के आरोपी फौरन सिंह, उसके दो पुत्रों रवि और बबलू को पुलिस ने शुक्रवार को रिमांड पर लिया था। आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने पिता-पुत्रों को जमकर पीटा। उनके पैरों मेें डंडे मारे गए। इतना ही नहीं बबलू को थाने में पीटने के दौरान धक्का दिया, जिससे वह लोहे की बाल्टी पर गिर गया। उसके पेट में गंभीर चोट लगते ही थाने में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई। बबलू की मां माया के मुताबिक उसके पेट में कई टांके आए हैं। माया ने पति और पुत्रों को बर्बरता पूर्ण ढंग से पीटने का आरोप पुलिस पर लगाया है। वहीं इसके बाद पुलिस उन्हें जेल ले गई।
= अभियुक्त बबलू को सुरागदेही पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने अपने पेट पर ब्लेड से वार कर आत्महत्या का प्रयास किया। उसके खिलाफ खुदकुशी के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
- विवेक त्रिपाठी, सीओ अछनेरा
इनसेट बाक्स...
कहां से आया ब्लेड
सीओ अछनेरा की बात पर यकीन किया जाए तो सवाल उठता है कि आखिर पुलिस अभिरक्षा में अभियुक्त बबलू के पास ब्लेड कहां से आया? हालांकि इस सवाल का जवाब देने पर सीओ ने चुप्पी साध ली।
यह है मामला
डेढ़ माह पूर्व मलपुरा, नगला लेखराज निवासी हेतराम का धनौली निवासी फौरन सिंह से भूखंड को लेकर विवाद हो गया था। तब फायरिंग हुई थी। इस मामले में हेतसिंह ने रवि, बबलू, पप्पू पुत्रगण फौरन सिंह तथा दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वारदात के बाद हाल ही में फौरन सिंह और रवि, बबलू ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने पिता-पुत्रों को शुक्रवार को 24 घंटे की रिमांड पर लिया था। इस दौरान यह घटना हो गई।