आगरा। सदर क्षेत्र के राजपुर चुंगी के पास मंगलवार को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर एक दवा कारोबारी को घायल कर दिया। पहली गोली लगने के बाद जब कारोबारी मोबाइल से अपने भाई को घटना की जानकारी दे रहा था तो भागते बदमाशों ने लौटकर फिर तीन गोलियां दागीं। इसके बाद भी खून से लथपथ कारोबारी अपनी एक्टिवा चलाकर नर्सिंग होम पहुंचा। इस मामले में कारोबारी के परिवार ने तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उसका मानना है कि घटना की वजह रंजिश हो सकती है।
बैंक कालोनी निवासी चंद्रकांत गुप्ता (40) पुत्र दयाशंकर की फुव्वारे के झूलेलाल मार्केट में चंद्रा मेडिकल के नाम से थोक दवा की दुकान है। रोजाना की तरह वह मंगलवार दोपहर घर से एक्टिवा से दुकान के लिए निकले थे। चंद्रकांत के भाई सूर्यकांत के अनुसार राजपुर चुंगी से सर्किट हाउस चौराहा की तरफ जाते समय पीछे से बाइक सवार तीन बदमाश कारोबारी के पास आए और फायरिंग करते हुए निकल गए। गोली चंद्रकांत के हाथ को भेदती हुई निकल गई। उन्होंने तत्काल मोबाइल से भाई को घटना की जानकारी दी। भाग रहे बदमाशों ने देखा कि चंद्रकांत मोबाइल से किसी को जानकारी दे रहा है तो वे लौट आए। इसके बाद एक बार फिर उन्होंने चंद्रकांत ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस बार तीन गोलियां एक हाथ में और दो गर्दन में लगीं। वारदात के बाद बदमाश मौके से भाग गए। तब खून से लथपथ कारोबारी स्वयं स्कूटर चलाकर नर्सिंग होम पहुंचा। नर्सिंग होम के डाक्टर उसका रिश्तेदार हैं। डाक्टर ने सदर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में एसएसपी सुभाष चंद दुबे, इंस्पेक्टर सदर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि मामला रंजिश का नजर आ रहा है। जिनसे चंद्रकांत का विवाद है उसका पूरा परिवार घर में ताला लगाकर लापता है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
एक साल से चल रहा है विवाद
आगरा। चंद्रकांत गुप्ता का गत एक साल से एक परिवार से विवाद चल रहा है। कई बार पंचायत भी हुई पर मामला सुलझा नहीं। कुछ माह पहले हुई पंचायत में विरोधी पक्ष ने चंद्रकांत को देख लेेने की धमकी दी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ दिनों पहले विरोधी ने चंद्रकांत का पीछा भी किया था। उस समय दोस्त ने इसकी जानकारी मोबाइल पर चंद्रकांत को दी थी। सूचना पर वह सतर्क हो गए थे।
विवाद की वजह एक महिला
दोनों परिवारों के बीच विवाद की वजह एक महिला बताई जाती है। दूसरे पक्ष की इस महिला के खिलाफ चंद्रकांत के परिवार ने कुछ टिप्पणी कस दी थी। इसके बाद ही दोनों में विवाद शुरू हुआ, जो दुश्मनी में बदलता चला गया। उधर, नर्सिंग होम में अफवाह फैल गई कि विरोधी ने पिनाहट थाने में समर्पण कर दिया है। बाद में यह बात झूठ निकली।
जीने की चाह ने मौत को हराया
आगरा। चंद्रकांत के जीने की चाह उसे मौत के मुंह से खींच लाई। हमलावारों का इरादा उसकी हत्या करने का था। एक बार गोली मारने के बाद हमलावरों को लगा कि उसकी मौत हो जाएगी। गोली लगने के बाद भी वे जब चंद्रकांत को मोबाइल पर बात करते देखे तो दुबारा से गोलियां बरसा दी। चार गोली लगने के बाद भी चंद्रकांत ने हिम्मत नहीं हारी। खून से लथपथ स्कूटर चलाता हुआ दो सौ मीटर की दूरी तय कर नर्सिंग होम पहुंच गया। समय से उपचार मिलने के कारण वह खतरे से बाहर है।
दवा कारोबारियों में आक्रोश
आगरा। दवा कारोबारी पर प्राणघातक हमले पर आगरा फार्मा एसोसिएशन ने गहरी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन की हुई बैठक में तय किया गया कि दवा मार्केट के सभी व्यापारी बुधवार को एसएसपी से मिलकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। साथ ही व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की जाएगी। व्यापारियों से सुबह 11 बजे कोतवाली पर एकत्र होने की अपील की गई है। बैठक में कहा गया कि व्यापारियों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन पंगु हो चुका है। गुंडों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे माहौल में व्यापारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है।