आगरा। तेलंगाना राज्य के गठन के बाद एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को ब्रज प्रदेश घोषित करने की मांग ने जोर पकड़ा है। ब्रज प्रदेश समर्थकों का कहना है कि समान संस्कृति वाले आगरा एवं अलीगढ़ मंडल के जिलों के अलावा भरतपुर संभाग तथा ग्वालियर संभाग के चार-चार जिलों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र का बहुमुखी विकास होगा क्योंकि उत्तर प्रदेश इतना बड़ा है कि सभी जगह समान रूप से विकास कार्य हो पाना संभव नहीं है। वैसे भी पूर्व में मायावती सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनाए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। चौधरी अजित सिंह ने भी हरित प्रदेश की वकालत की है।
ब्रज डेवलपमेंट कौंसिल के अध्यक्ष डा. केएस राणा का कहना है कि ब्रज प्रदेश में आगरा मंडल के आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, अलीगढ़ मंडल के हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज, भरतपुर संभाग के भरतपुर, धौलपुर, करौली व अलवर तथा ग्वालियर संभाग के भिंड, मुरैना व ग्वालियर को शामिल किया जाए। वैसे कौंसिल शीघ्र ही बैठक कर इस मुद्दे को और व्यापक स्वरूप देने के लिए आंदोलन करेगी। कौंसिल के महासचिव अशोक चौबे एडवोकेट और दुर्गविजय सिंह भैया ने ब्रज प्रदेश का पुरजोर समर्थन किया है। उनका कहना है कि समय की मांग है कि छोटे राज्यों का गठन हो।
14 लोकसभा सीटें
2.5 करोड़ आबादी लगभग
कब-कब उठ चुकी है मांग
1969 में राज्य असेंबली में
भरतपुर की रॉयल असेंबली में