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हटाए जाएंगे एसएन कॉलेज प्राचार्य!

Agra Updated Sun, 04 Aug 2013 05:33 AM IST
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आगरा। एसएन प्राचार्य पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जल्द ही या तो उनका तबादला कर दिया जाएगा या निलंबन जैसी कार्रवाई संभव है। डीजी चिकित्सा एवं शिक्षा ने शासन को प्राचार्य को हटाने की सिफारिश की है। इसके लिए एमबीबीएस की सीट कम होने, प्राचार्य की लापरवाही और उन पर लगे वित्तीय अनियमितता के आरोपाें को आधार बनाया है।
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प्राचार्य डा. आरके सिंह की लापरवाही एसएन मेडिकल कॉलेज पर भारी पड़ी। जहां अन्य मेडिकल कॉलेजाें में सीटें बढ़ीं, वहीं एसएन को 22 सीटें गंवानी पड़ीं। एमसीआई को रिपोर्ट न देने पर 150 में से 128 सीटाें पर ही इस सत्र प्रवेश हो सका है। इसके अलावा प्राचार्य पर टेक्नीशियन, नेत्र विभाग में ओएसडी, दवाआें के टेंडर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में वित्तीय अनियमितता के भी आरोप हैं। कार्यालय में नहीं बैठने और मरीज-तीमारदाराें से दूरी बनाए जाने की रिपोर्ट भी शासन के पास है। प्राचार्य की सबसे बड़ी मुसीबत एमबीबीएस की सीट कम होने से सामने आई हैं। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने इसे छात्रों और कॉलेज का नुकसान मानते हुए सख्त रिपोर्ट तैयार की है। प्राचार्य की इन्हीं कारगुजारियाें को लेकर लखनऊ में बैठक हुई। सूत्र बताते हैं कि चंद दिनाें में ही प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

प्राचार्य की कारगुजारियाें से छात्राें को काफी नुकसान हुआ है। वित्तीय अनियमितताएं और उनकी कार्यप्रणाली भी जन विरोधी है। इन सभी शिकायताें को संज्ञान में लेते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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डा. केके गुप्ता, चिकित्सा एवं शिक्षा महानिदेशक

डा. अजय और प्रजापति दावेदार
- सूत्राें की मानें तो प्राचार्य के हटाए जाने पर डा. अजय अग्रवाल और डा. एनसी प्रजापति दावेदार हैं। जहां पूर्व में दो बार डा. प्रजापति कार्यवाहक के तौर पर प्राचार्य का पद संभाल चुके हैं, वहीं डा. अग्रवाल प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
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