शमसाबाद। गांव अमादपुर में झगड़े में नामजद आरोपी को हिरासत में लेने पर बवाल हो गया। पूर्व विधायक अपने दर्जनों समर्थकों के साथ शाम को थाने पर पहुंच गए। हिरासत में लिए युवक को छोड़ने को लेकर थाने पर धरना प्रदर्शन किया। उधर, इसकी जानकारी होने पर दूसरे पक्ष के लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बाजार बंद कराने के बाद जाम लगा दिया। दोनों पक्षों में टकराव के हालात पैदा होने पर सीओ फतेहाबाद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझा बुझाकर मामले को शांत किया।
गांव अमादपुर के मंदिर के बाबा ताराचंद्र ने एक अगस्त को गांव के धनवान सिंह, प्रवेंद्र, चंद्रशेखर, महिपाल आदि के विरुद्ध मंदिर में घुसकर उनके साथ मारपीट और फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुरुवार को प्रवेंद्र को हिरासत में ले लिया। शाम करीब छह बजे पूर्व विधायक डा. राजेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ थाने पर पहुंच गए। उन्होंने हमले के आरोपी को छोड़ने की मांग की। इसको लेकर थाने में कहासुनी हुई। पूर्व विधायक का कहना था कि बाबा ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद समर्थकों ने थाने में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उधर, आरोपी को छुड़ाने की जानकारी होने पर बाबा ताराचंद्र के पक्ष में काफी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर बाजार में पहुंच गए। लोगों ने बाजार बंद कराने के बाद जाम लगा दिया। इसके बाद थाने में हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि सपा नेता के दबाव में पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। हंगामा बढ़ने पर सीओ करुणाकर राव ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, जाम लगाने वालों को पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ दिया।