बांदा। भूमिगत केबिल डालने में बीएसएनएल की लापरवाही से जल संस्थान की मेन राइजिंग लाइन ध्वस्त हो गई। शहर के एक दर्जन इलाकों में जलापूर्ति ठप हो जाने से जहां पानी का संकट खड़ा हो गया है, वहीं नेशनल हाइवे अवरुद्ध हो गया। जल संस्थान को इसमें एक लाख रुपये के लगभग चपत लगी है।
बीएसएनएल इन दिनों शहर के कुछ क्षेत्रों में भूमिगत इलेक्ट्रिक ड्रील मशीन के जरिये केबिल बिछा रहा है। अशोक लाट तिराहे से जेल रोड की तरफ यह काम पिछले कई दिनों से रात में किया जा रहा है। यह नेशनल हाइवे है। रविवार की रात ड्रिल मशीन से खुदाई के दौरान जल संस्थान की भूमिगत 24 इंची सीमेंट की मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। यह पाइप लाइन जेल के सामने स्थित ओवरहेड टैंक से शहर की ओर आई है। मुख्य लाइन टूट जाने से हाइवे पर भारी-भरकम गड्ढा हो गया और पानी भर गया। उधर, कटरा, क्योटरा, छावनी, स्टेशन रोड, पीली कोठी, चौक बाजार, नोनिया मोहाल, दुर्गा बाजार, पदमाकर चौराहा, महेश्वरी देवी रोड इत्यादि में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। सुबह से हाइवे पर बड़े वाहनों की आदरफ्त बंद हो गई। छोटे वाहन फुटपाथ से गुजरने की कोशिश में जाम की स्थिति पैदा किए रहे।
कई लाख लीटर पानी सड़कों पर बह गया। सुबह जल संस्थान अधिशासी अभियंता शीलनिधि शुक्ल, जलकल अभियंता श्रीराम यादव, अवर अभियंता रामलखन मौर्य आदि मौके पर आ गए और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारी तथा विभागीय कई ठेकेदारों को बुलाकर पाइप लाइन मरम्मत कराने के लिए जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी, लेकिन पाइप लाइन में पानी इतनी मात्रा में भरा था कि दो पंपिंग इंजन दिन भर में भी गड्ढा खाली नहीं कर पाए। यह काम देर रात तक चलता रहा। अधिशासी अभियंता का कहना है कि रात-दिन कार्य कराया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के पानी की आपूर्ति की जाएगी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मरम्मत का काम मंगलवार की शाम तक पूरा होने की उम्मीद है। तभी बुधवार से आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
बीएसएनएल कंपनी के ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा हजारों लोगों ने भुगता। जल संस्थान अधिशासी अभियंता दोषी ठेकेदार और विभाग के विरुद्ध उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पहले भी बीएसएनएल ठेकेदार जल संस्थान की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। इस बार उनके ठेकेदारों को अधिशासी अभियंता ने अपना मोबाइल फोन नंबर देकर आग्रह किया था कि जब भी ड्रिल मशीन लगाएं, उन्हें सूचित कर दें, ताकि पाइप लाइन वाले स्थानों पर सतर्कता बरती जा सके। इसके बावजूद ऐसा नहीं किया गया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि ड्रिल मशीन से खुदाई सड़क की बाईं पटरी पर शुरू की गई थी। रातों-रात दाहिनी पटरी पर खुदाई होने लगी। इसी से जल संस्थान की पाइप लाइन को नुकसान पहुंचा है।