सफाई कर्मियों की लापरवाही से शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में शर्मिंदा होना पड़ा। इनकी आरामतलबी से इलाकाें के लोग परेशान हैं। अधिकतर इलाकों में न झाड़ू लग रही है और न ही कूड़ा ही उठाया जा रहा है। नगर आयुक्त को यह समस्या पता चली तो उन्होंने इसको सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए कहा गया है। सभी सफाई कर्मी अब अपने वार्ड में सफाई करने से पहले बायोमैट्रिक मशीन में अपना अंगूठा लगाकर उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनके मूवमेंट का रजिस्टर तैयार किया जाएगा।
नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने डोर टू डोर के ठेकेदाराें और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने दोनाें के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा है। बैठक में बताया कि सफाई कर्मी अधिकतर वार्डों में जा ही नहीं रहे हैं, जिसके कारण लोग परेशान हैं। इसलिए इन सभी की बायोमैट्रिक हाजिरी लगेगी। इस संबंध में नगर आयुक्त ने मेयर डॉ. आईएस तोमर से भी बात की है।
नगर आयुक्त का कहना है कि मशीन ज्यादा महंगी नहीं है, लेकिन इससे सिस्टम जरूर सुधरेगा। सभी वार्डों में यह मशीन कहां लगेंगी यह बड़ी समस्या है, जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि 70 वार्डों में करीब 30 में वार्ड कार्यालय बने हुए हैं वहीं ये मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा जिन वार्डों में कर्मचारियाें की संख्या कम है वे अपने पास के वार्ड से निकलते वक्त अपनी हाजिरी वहां से लगाते जाएंगे। मोबाइल बायोमैट्रिक भी मंगवाई जाएगी ताकि समस्या होने पर इसका उपयोग किया जा सके।
बनेगा मूवमेंट रजिस्टर, दर्ज करेंगे पूरी जानकारी
सुबह छह बजे से लेकर 10 बजे तक कर्मचारी कहां सफाई करते हैं और क्या-क्या करते हैं इसकी भी पूरी स्थिति दर्ज करनी होगी। मूवमेंट रजिस्टर में इसे लिखना होगा। सफाई नायक और निरीक्षक इसकी तस्दीक करेंगे। सफाई न होने पर लोग सीधे नगर आयुक्त से शिकायत भी कर सकते हैं। सफाई कर्मियाें पर गाज गिरेगी। शहर में इस समय दो हजार से अधिक सफाई कर्मी हैं।