बरेली। आईवीआरआई और लाल फाटक ओवरब्रिज पर रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही हद पार कर रही है। तमाम पत्राचार के बावजूद रेलवे अफसरों के दोनों प्रोजेक्ट को लटकाए रखने पर अब कमिश्नर रणवीर प्रसाद भी उकता गए हैं। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से इस बारे में और बातचीत करने के बजाय अब सीधे शासन में रेल अफसरों की लापरवाही की शिकायत करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि अब शासन के माध्यम से ही रेलवे अफसरों पर दबाव बनाया जाएगा ताकि दोनों पुलों पर जल्द काम शुरू हो सके।
लालफाटक क्रॉसिंग के ऊपर पुल का निर्माण करने के लिए लंबे समय बाद भी रेलवे की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। करीब महीने भर पहले रेलवे ने यहां अपना साइट आफिस तो बना दिया, लेकिन इसके बाद फिर ठंडे पड़ गए। रेलवे का कहना है कि उन्होंने मिट्टी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही वे निर्माण की शुरुआत कराएंगे। हालांकि इस तरह के बहाने का अब काफी लंबा सिलसिला हो चुका है। रेलवे का यही रवैया आईवीआरआई ओवरब्रिज पर भी है। न क्रॉसिंग पर पुल बनाया जा रहा है न अंडरपास का काम रफ्तार पकड़ रहा है। कभी कांट्रेक्टर के गायब हो जाने के बहाने तो कभी कोई और दिक्कत बताकर रेलवे अफसर काम रोक देते हैं। करीब दो महीने पहले कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह और डीपीएम वीके सेन को रेलवे अधिकारियों के साथ मीटिंग करके पुलों का काम जल्द शुरू कराने के लिए कहा था। इसके बाद रेलवे अफसरों के साथ बैठक हुई फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। रेल अफसरों के रवैये से उकताकर अब कमिश्नर भी उनसे बात करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि अब स्थानीय स्तर पर बात बनती नहीं दिख रही, इसलिए अब सीधे शासन स्तर पर लिखापढ़ी शुरू कराई जाएगी।
श्रमिकों की सुरक्षा की अनदेखी
रेलवे ने आईवीआरआई अंडरपास बनाने का काम फिर शुरू कर दिया है। इन दिनों रेलवे अस्पताल की तरफ सीसी रोड बन रही है। इस काम में लगे मजदूरों की सुरक्षा पर रेलवे अफसर लापरवाही दिखा रहे हैं। श्रमिकों को न हेलमेट दिए गए हैं न उनके पास सेफ्टी जैकेट है। सुरक्षा संबंधी दूसरे सामान भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
रेलवे के स्थानीय अफसर अपने ही अधिकारियों की बात नहीं सुन रहे। इसलिए अब इन मामलों को लेकर सीधे शासन को अवगत कराया जाएगा ताकि रेलवे अधिकारियों पर ऊपर से दबाव बनाया जा सके। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर