बरेली। प्रोफेसर लालता प्रसाद और उसके बेटे राहुल से मुफ्त में डेढ़ करोड़ की जमीन लिखाने वाले हिस्ट्रीशीटर संदेश कनौजिया के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। शनिवार को सीओ सिटी प्रथम के यहां पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए गए। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो मकान और बची हुई तीन बीघा जमीन से भी वह हाथ धो बैठेंगे।
बारादरी की दुर्गा नगर कॉलोनी निवासी जीटीआई के रिटायर प्रोफेसर लालता प्रसाद और उनके बेटे ने बताया कि उनकी बिथरीचैनपुर के मोहनपुर गांव में 13 बीघा जमीन है। पिछले सप्ताह संदेश कन्नौजिया ने उन्हें अगवा करके उनकी जमीन लिखवा ली। संदेश और उसके साथी एक अक्तूबर को राहुल को उठा ले गए और उसे जान से मारने की धमकी देकर बैनामा करा लिया। बैनामा कराने के बाद भी उसे धमकियां दी जा रही हैं। उनके परिवार को जान का खतरा है। संदेश ने उसका मकान और तीन बीघा जमीन भी अपने साथियों के नाम एग्रीमेंट करा लिया है। उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो उनका मकान और बची हुई जमीन भी चली जाएगी।
पुलिस के मुताबिक संदेश कन्नौजिया जमीन का कारोबार करने के लिए नेताओं में पैठ बनाए रहता है। भाजपा से तो उसका सीधा नाता है दूसरे दलों में भी वह संबंध बनाए हुए है। गैंगस्टर में जेल जाने के बाद एक नेता ने कई बार उससे मुलाकात की थी। छूटने के बाद संदेश ने एक दूसरे नेता की मदद लेकर काम शुरू कर दिया था।