बस्ती। परिवार रजिस्टर में मृत घोषित विकलांग महिला डीएम के यहां बेटी अपनी बेटी के साथ जान देनेे की इजाजत मांगने पहुंच गई। इससे डीएम भी सकते में आ गए। इस महिला का आरोप है कि उसकी भाभी और उसके परिवार के लोगों ने पंचायत सेक्रेटरी से मिलकर कागजों में उसे मृत दिखा दिया और पुलिस के सहयोग से संपत्ति पर कब्जा कर लिया। एसपी के आदेश को भी गौर पुलिस ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया। डीएम ने एसपी और बीडीओ सल्टौआ को पीड़ित महिला को इंसाफ दिलाने के लिए पत्र लिखा है।
थाना गौर ब्लॉक सल्टौआ की विकलांग लीलावती गुरुवार को डीएम से मिली। कहा कि पंचायत सेक्रेटरी ने उसकी भाभी से मिलकर उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया। मां से मिली जमीन और मकान को पुलिस के सहयोग से कब्जा कर लिया। गौर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं तो वह वह न्यायालय पहुंची। न्यायालय ने पुलिस को महिला की निजी संपत्ति में दखल न देने के आदेश का अनुपालन कराने को कहा। मगर पुलिस ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया। फिर वह एसपी और डीआईजी यहां पहुंची। बताया कि दोनों अधिकारियों ने गौर पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया। उसके बाद भी गौर पुलिस ने उसके पक्ष में कोई कार्रवाई नहीं की। इससे व्यथित होकर उसने अपने बेटी के साथ आत्महत्या करने का निर्णय लिया है। महिला ने डीएम से कहा कि या तो उसे इंसाफ दिलाएं या फिर आत्महत्या की इजाजत दें। डीएम ने मामले में पुलिस अधीक्षक के अलावा बीडीओ सल्टौआ को पत्र लिखकर मामले की पूरी जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।