आग उगल रहे सूरज के बीच हवा लू बन गई है। दिन चढ़ने के साथ ही चिलचिलाती धूप चेहरे को झुलसा दे रही है। रात में बिजली कटौती से नींद न पूरी होने से दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों की है। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के चलते सब दिनभर धमा चौकड़ी मचाए रखते हैं। बाहर निकलने के लिए लोग दिन ढलने का इंतजार कर हैं।
पिछले एक सप्ताह से तापमान बढ़ते हुए 40 डिग्री से ऊपर जा पहुंचा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, वहीं, न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तालाब पोखरे आदि सूख रहे हैं, जिससे पशु-पक्षियों पर भी संकट खड़ा हो गया है। चार हिरन पानी की खोज में कुत्तों के शिकार बने हैं। वहीं, डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल चल रहा है।
ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ी
बाहर निकलने वाले लोग ठंडा पानी, लस्सी, छाछ, कोल्ड ड्रिंक की दुुकान खोज रहे हैं। हालांकि, कुछ संस्थाओं की ओर से जगह-जगह प्याऊ चलाया जा रहा है। इसके अलावा खीरा, ककड़ी की भी बिक्री खूब हो रही है। गर्मी का फल तरबूज इस समय बाजार में अधिक मात्रा में उपलब्ध है। डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक तरबूज हमारे शरीर के लिए काफी लाभप्रद है। यह शरीर में पानी की कामी का दूर करता है।
तालाब सूखने से बेजुबानों पर आफत
नगर बाजार। लगातार बढ़ रही गर्मी से तालाब सूख गए हैं। सबसे ज्यादा संकट बेजुबानों और जंगली जानवरों पर है। जो पानी की तलाश में भटक कर आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के नगर बाजार, नगहरा, जैतुआ, पोखरनी आदि में बने तालाब पानी के अभाव में सूखे पडे़ हैं। ऐतिहासिक चंदों ताल में भी पानी नहीं बचा है। नील गायों के झुंड के झुंड आबादी के आस पास मंडराते देखे जा सकते हैं। रामकरन चौधरी, सुन्दर लाल यादव, रामदवन यादव, शिव प्रसाद दूबे, अमित कुमार शुक्ला, मेहताब अहमद, इकरा, रजमल आदि लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गांव में बने तालाब और पोखरों में पानी का प्रबंध नहीं किया गया तो बेजुबान बेमौत मारे जाएंगे।
एक हफ्ते से बेरहम हुआ मौसम
दिनांक न्यूनतम अधिकतम
22 मई 18 29 43 डिग्री
21 मई 18 27 43 डिग्री
20 मई 18 26 42 डिग्री
19 मई 18 26 41 डिग्री
18 मई 18 25 41 डिग्री
17 मई 18 25 40 डिग्री
16 मई 18 25 40 डिग्री
15 मई 18 24 40 डिग्री
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ
पानी और नमक की कमी से डायरिया: डॉ. सोनी
बस्ती। जिला अस्पताल की ओपीडी में मौसम के मारे मरीजों से बढ़ गई है। मंगलवार को 1200 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। इसमें सबसे ज्यादा डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 150 मरीजो को देखते है। इनमें 40 से 50 प्रतिशत डायरिया के मरीज होते हैं। डॉक्टर सोनी ने कहा कि डायरिया यानि दस्त लगना, जोकि बच्चों से लेकर बड़ों तक में हो सकता है। शरीर में पानी और नमक की कमी की के कारण भी डायरिया की समस्या होती है। इससे पेट के निचले हिस्से में दर्द, मरोड़, उल्टी आना, बुखार और शरीर में कमजोरी हो जाती है। बचने के लिए बेहतर उपाय है कि बाहर निकलें तो सिर को अच्छी तरह से ढक लें। बाहरी खाने से परहेज करें, घर में साफ-सफाई रखें।
बच्चों को न पिलाएं फ्रीज का पानी: डॉ. पंकज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि इस मौसम में सबसे ज्यादा हाई ग्रेड फीवर के मरीज आ रहे हैं। इसके बाद डायरिया, निमोनिया और वायरल फीवर के मरीज होते हैं। ऐसे में इन सबसे बचने के लिए बच्चों को रेफ्रिजरेटर का ठंडा पानी न पिलाएं। उल्टी दस्त होने पर नमक और चीनी का घोल बनाकर पिलाएं। बच्चों को कुछ भी खिलाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धुलें। बुखार तेज होने पर पानी की पट्टी सिर पर रखें। हालत बिगड़ने पर चिकित्सक से उपचार कराएं।
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ग्राम प्रधान ने भरवाया सूखा तालाब
महराजगंज। कप्तानगंज ब्लॉक के बनहा गांव के प्रधान ने मंगलवार को सूखे तालाब को पानी से भरवाया। तालाब सूख जाने से सबसे ज्यादा संकट पशु-पक्षियों के प्यास बुझाने के लिए था। इसके बाद ग्राम पंचायत बनहा के ग्राम प्रधान सुरेंद्र शर्मा और मानपुर गांव के नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने आपसी सहयोग से सूखे तालाब में पानी भरवाया है। प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि तालाब सूखने से छुट्टा पशु और वन्य जंतुओं को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता था। इसको देखते हुए तालाब भरवाने में तीन नलकूपों का प्रयोग किया गया। गांव के कई लोगों ने भी इसमें सहयोग किया है।
29 तक यूं ही सताएगी गर्मी
बस्ती। अभी तन झुलसाती गर्मी से हफ्ते भर राहत की उम्मीद नहीं है। बुधवार को हल्की बूंदाबांदी की संभावना जरूर है लेकिन इससे न तो उमस कम होगी न ही तापमान में गिरावट की संभावना है। मौसम की नब्ज समझने वालों का मानना है कि मई के अंतिम सप्ताह तक गर्मी इसी तरह सताएगी। इसमें अधिकतम 42 डिग्री और न्यूनतम 28/29 डिग्री सेल्सियस तापमान रहेगा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक लगातार पुरवा हवाओं के बहते रहने से वातावरण में भारी मात्रा में नमी मौजूद है। क्योंकि बंगाल की खाड़ी से उठ रही उन हवाओं के साथ नमी भी आ रही है लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होने से नमी बादल में परिवर्तित नहीं हो पा रही है। इसी वजह से उमस का एहसास ज्यादा हो रहा है। डॉ. त्रिपाठी के मुताबिक अगले मंगलवार यानी 29 मई के बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमतान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने का अनुमान है। इस दौरान औसत तापमान 42/28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वातावरण में नमी की मात्रा 35 से 45 फीसदी तक रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।