मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बगहीं गांव में शुक्रवार देर रात एलआईसी एजेंट की घर पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। सुबह होने पर बेटी ने खून से लथपथ शव देखा तो चीखने चिल्लाने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुत्र अभिषेक की तहरीर पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
जलीलपुर चौकी क्षेत्र के बगहीं गांव निवासी सुनील कुमार श्रीवास्तव (45) पेशे से भारतीय जीवन बीमा निगम के एजेंट थे। सुनील के पुत्र अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार शुक्रवार रात नौ बजे वह खाना खाने के बाद बाहर के कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान दो शख्स उनसे मिलने पहुंचे। कुछ देर बाद वह लौट गए। रात करीब 11 बजे वे लोग दोबारा पहुंचे तो सुनील ने दरवाजा खोला। दरवाजा खुलते ही उन लोगों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर हत्या कर दी।
शनिवार की सुबह छह बजे जब उनकी बेटी खुशी (13) पापा को उठाने गई तो दरवाजा बंद मिला। सामने वाले गेट से कमरे के अंदर घुसी तो पिता को खून से लथपथ देख चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर बेटा अभिषेक और पत्नी नीलम श्रीवास्तव भागकर कमरे में पहुंचे तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। सूचना पर जलीलपुर चौकी इंचार्ज राणा प्रताप सिंह ने मुगलसराय कोतवाली प्रभारी को घटना से अवगत कराया। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी विनोद यादव ने बताया कि अभिषेक की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।
अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पहली बार जब दोनों लोग आए तो पापा से बातचीत कर चले गए। देर रात दोबारा उनके आने पर पापा ने बाहर का दरवाजा खोलकर उन्हें अंदर बुलाया। बातचीत की आवाज आ रही थी तो हम लोगों ने समझा कि बीमा के विषय में कोई बात कर रहे होंगे। देर रात हो जाने के कारण हम सभी अंदर के कमरे में ही सोते रहे। बाहर से आए लोग कब गए पता नहीं चल सका। सुबह छोटी बहन खुशी जब उन्हें जगाने गई तो घटना की जानकारी हुई। अभिषेक के अनुसार बड़ी बहन वाराणसी के एक हास्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। अभिषेक ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस हत्या के बाद खून से लथपथ चादर और बिस्तर को अपने साथ नहीं ले गई।