हापुड़। निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच में आपत्ति पर सुषमा सिंह का नामांकन पत्र खारिज हो गया है। लज्जा सिंह और अलका निम के नामांकन पत्र को क्लीन चिट मिल गई है। सुषमा सिंह का पर्चा निरस्त होने से पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह के खेमे को करारा झटका लगा है।
अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह की पत्नी सुषमा सिंह, विधायक गजराज सिंह की पत्नी लज्जा सिंह, अलका निम के नामांकन पत्र पर सपा नेता अनिल आजाद और राजबाला ने अपत्ति लगाई थी।
आरोप लगाया था कि सुषमा सिंह जैन धर्म से हैं और शादी उनकी अनुसूचित जाति के धर्मपाल सिंह से हुई है। इसलिए उनकी जाति जैन रहेगी। जबकि उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति बताकर नामांकन पत्र दाखिल किया था। लज्जा सिंह का नाम पंचायत निर्वाचक नियमावली में हैं और जिला पंचायत सदस्य भी निर्वाचित हुई हैं। इसके साथ ही उनका नाम नगर निकाय मतदाता सूची में हैं और एक व्यक्ति दो-दो स्थानों पर वोट बनाकर लाभ लेना अवैध है। अलका निम के नामांकन पत्र के संबंध में आपत्ति की थी कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है। जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में नहीं है। तीनों आपत्तियों की सुनवाई करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर वीके सोनकर ने लज्जा सिंह के मामले में कहा कि अपर मुख्य अधिकारी पंचायत कार्यालय गाजियाबाद को पत्र प्रेषित किया गया था, लेकिन वहां से कोई सूचना या उत्तर नहीं आने पर आपत्ति को निरस्त किया जाता है। पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह की पत्नी सुषमा सिंह के चरित्र प्रमाण पत्र को सही नहीं माना गया है। अनुसूचित जाति की न होने से उनका नामांकन निरस्त हो गया है।