अखिल भारतीय साहित्य लोक के तत्वावधान में हुई काव्य संध्या
हापुड़। अखिल भारतीय साहित्य लोक के तत्वावधान में सोमवार रात मोहल्ला आर्यनगर में काव्य संध्या का आयोजन हुआ। कवियों ने कविता पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
काव्य संध्या का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया गया। इसके बाद संचालन करते हुए महावीर वर्मा ने सुनाया, हमें खिलाकर प्यार से अंत में खाती है मां, हमें सुलाकर नींद के आगोश में जाती है मां, ममता के धागों का बंधन इतना गहरा है यहां, चोट हमें लगती है चिल्लाती है मां। डा.पुष्पा गर्ग की रचना एक हक सी मन में उठती है, एक चुभन सी दिन में चुभती है, तन्हाई भरे इस जीवन में पीड़ा की दस्तक होती है को श्रोताओं ने खूब सराहा। अनिल वाजपेयी ने भी रचना सुनाई। वरिष्ठ कवि और साहित्यकार डा. अशोक मैत्रेय ने ऑनर किलिंग पर सुनाया कि प्रेम पियाला विष भरा, जो पीये सो रोय, प्रेमी फिर भी पी रहे, अपना आपा खोय। कवियत्री पूजा महेश ने सुनाया आइने ने हमको आइना दिखा दिया, अब तक थे फलक पे जमीं पर ला दिया। डाॅ. पूनम ग्रोवर, कवियत्री आराधना वाजपेयी ने भी प्रस्तुति दी। अमित वर्मा, हर्षिता, भावना, प्रिंसी, सत्यम, मधु वर्मा आदि मौजूद रहे।