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नदियां जुड़ेंगी तो बाढ़ से मिलेगी निजात

Hardoi Updated Sun, 13 Jul 2014 05:32 AM IST
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हरदोई। पंच नदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र में जब-जब बाढ़ आई तो लाखों ग्रामीण बर्बादी के कगार पर पहुंच जाते हैं। एक ओर जहां खेती प्रभावित होती वहीं पशु और जमीन का भी नुकसान उठाना पड़ता है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में नदियों को जोड़ने की योजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च क रने का संकल्प लिया है। यदि योजना पर अमल हुआ तो कटियारी क्षेत्र की पंच नदियां भी आपस में जुड़ जाएगी, जिससे बाढ़ में होने वाली तबाही से राहत मिल सकती है।
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पंच नदियों में गंगा, रामगंगा, नीलम, गंभीरी और गर्रा नदी के बरसात में उफनाते ही कटियारी क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाता है। उधर, बिलग्राम और मल्लावां क्षेत्र में बाढ़ का असर होने से इन क्षेत्रों की करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित हो जाती। वर्ष 2010 में आई भयंकर बाढ़ ने कटियारी क्षेत्र का 49,978 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें बर्बाद हो गई थी और 12,178 मकान धराशाई हो गए थे। बाढ़ में सड़के कटी, दर्जनों पशुओं की मौत हुई थी। अनुमान था कि करीब 6 अरब को नुकसान हुआ था। कटियारी क्षेत्र के लोगाें की माने तो गंगा के साथ रामंगगा के उफनाते ही बाढ़ आ जाती है। ऐसे में नीलम, गंभीरी और गर्रा का पानी तबाही मचाता। यदि इन नदियों को आपस में जोड़ दिया जाए, तो बाढ़ से होने वाली तबाही कम की जा सकती है। कटियारी क्षेत्र के बाशिंदों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उनके क्षेत्र को भी मिलेगा और उनके भी अच्छे दिन आएंगे।
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