हरदोई। जिले में इस बार गेहूं समर्थन मूल्य योजना में सरकारी खरीद ने रिकार्ड कायम कर दिया है। यहां पहली बार सरकारी गेहूं खरीद का आंकड़ा एक लाख एमटी को पार कर 1 लाख 35 हजार एमटी के करीब पहुंच रहा है। अभी 30 जून तक खरीद होगी।
अनियमितताओं एवं बिचौलियेां तथा दबंगों की गिरफ्त में फंसकर कराहती रही गेहूं खरीद योजना में आंकड़ों के अनुसार करीब 21250 किसानों को योजना का लाभ मिला है जबकि जिले में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में होने वाली गेहूं की फसल के लिए 4 से 5 लाख किसान अपना पसीना बहाते हैं। इसमें भूमिधड़ी एवं बंटाई पर खेती करने वाले किसान शामिल रहते हैं। अगर गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों की संख्या 4 लाख भी मानी जाए तो भी इसके हिसाब से जिले में बीस फीसदी किसानाें को भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। सर्व विदित है कि गेहूं की फसल का 80 से 85 फीसदी हिस्सा बाजार में बिकता है और छोटे तथा अल्प वर्ग के किसान क्रय केंद्राें की मनमानी व भुगतान के झंझटों के चलते अपना गेहूं गांव में ही बेंच देते है।
आंकड़े भी यहीं कह रहे है कि कुल किसानों की संख्या के हिसाब से बीस फीसदी किसानों को भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। खास बात यह है कि अभी तक हुई खरीद में 89 हजार 290 एमटी खरीद क्रय केंद्राें ने की जिससे 15303 किसानों को लाभान्वित किया गया। इसी तरह से आढ़तियों के माध्यम से 44 हजार 835 एमटी गेहूं की खरीद हुई तथा 5947 किसानाें को लाभ मिला है। उधर अब तक हुई सरकारी खरीद का गेहूं भंडारण ग्रहों में सुरक्षित नहीं हो पाया है कई स्थानों पर खुलें में गेहूं के बोरे रखे हुए जिससे बारिश होने पर उनके भीगने की संभावनाएं प्रबल है। इस संबंध में गेहूं खरीद के नोडल एजेंसी के डिप्टी आरएमओ बीपी सिंह ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार 30 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन गोदामों में गेहूं के बोरे बाहर चबूतरों पर रखे है उन्हें पूरी तरह से तिरपालों से कबर करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश होेने पर अनाज भीगने न पाए।